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सोनिया गांधी अस्पताल में भर्ती, डॉक्टर ने क्या कहा? जानें- हेल्थ अपडेट

Sonia Gandhi Hospitalized: सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती सोनिया गांधी वरिष्ठ चिकित्सकों की एक टीम की निगरानी में हैं और उनकी हालत स्थिर है। एहतियात के तौर पर सोनिया गांधी को कुछ समय के लिए निगरानी में रखा जा सकता है।

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सोनिया गांधी अस्पताल में भर्ती, डॉक्टर ने क्या कहा?

Sonia Gandhi Health Update: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की सेहत में शानदार सुधार हुआ है और अब वह पूरी तरह से सामान्य हैं तथा उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने पर जल्द फैसला होने की उम्मीद है। चिकित्सकों ने सोमवार को यह जानकारी दी। बता दें कि बुखार आने के बाद उन्हें 24 मार्च को रात करीब 10.22 बजे सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल के अध्यक्ष डॉ. अजय स्वरूप के अनुसार, गांधी को अब भी नसों के माध्यम से एंटीबायोटिक दवा दी जा रही हैं, जो कुछ और दिनों तक जारी रहेंगी, हालांकि उनके स्वास्थ्य संबंधी सभी संकेतक सामान्य सीमा के भीतर हैं।

उन्होंने कहा, 'मरीज और इलाज करने वाले चिकित्सक से चर्चा के बाद ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने का फैसला लिया जाएगा। अन्यथा, वह पूरी तरह स्वस्थ हैं।' चिकित्सकों ने बताया कि उनका 'सिस्टमेटिक इंफेक्शन' का इलाज किया रहा है और एंटीबायोटिक दवाओं का उन पर अच्छा असर हो रहा है।

बताया गया कि वह वरिष्ठ चिकित्सकों की एक टीम की निगरानी में हैं और उनकी हालत स्थिर है। एहतियात के तौर पर सोनिया गांधी को कुछ समय के लिए निगरानी में रखा जा सकता है।

इंदिरा गांधी के हत्यारे के रिश्तेदार की पहचान न्यूजीलैंड में जाहिर की करने की अनुमति मिली

इंदिरा गांधी के हत्यारों में से एक के भतीजे की पहचान न्यूजीलैंड की अदालत में पहचान गुप्त रखने का मुकदमा हारने के बाद जाहिर कर दी गई है। उसे मादक पदार्थ से जुड़े एक मामले में दोषी करार दिया गया था। स्थानीय मीडिया ने यह खबर दी है।

न्यूजीलैंड के वेब पोर्टल ’स्टफ’ ने शनिवार को खबर दी कि बलतेज सिंह को 700 किलोग्राम से अधिक मेथमफेटामाइन आयात करने के आरोप में 22 साल कारावास की सजा सुनाई गई है। यह न्यूजीलैंड के अधिकारियों द्वारा जब्त की गई अब तक की सबसे बड़ी मात्रा है। वह स्थायी रूप से अपना नाम गुप्त रखने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा था।

इससे पहले, 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या करने वाले उनके अंगरक्षकों में से एक सतवंत सिंह के भतीजे बलतेज सिंह के नाम को स्थायी रूप से सार्वजनिक नहीं करने का आदेश यहां के उच्च न्यायालय ने दिया था। अदालत ने यह आदेश बलतेज की इस दलील को स्वीकार करते हुए सुनाया था कि यदि उसकी पहचान उजागर हो जाती है तो उसे और उसके परिवार को अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।

खबर के मुताबिक न्यूजीलैंड के अधिकारियों ने इस फैसले के खिलाफ अपील की, और पिछले साल नवंबर में अपील न्यायालय ने फैसला सुनाया कि सिंह का नाम उजागर किया जा सकता है।

खबर के मुताबिक ऑकलैंड के पूर्व व्यवसायी बलतेज ने इस मामले को लेकर उच्चतम न्यायालय का रुख किया था, लेकिन अब उसने वह अपील वापस ले ली, जिससे न्यूजीलैंड मीडिया के लिए उनकी पहचान उजागर करने का रास्ता साफ हो गया।

’स्टफ’ ने कहा कि उसने भी बलतेज की पहचान को उजागर नहीं करने के प्रयास का विरोध किया। इससे पहले अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि भारतीय मीडिया पहले ही बलतेज सिंह की पहचान उजागर कर चुकी है। खबर के मुताबिक अदालत में जमा हलफनामे में बलतेज सिंह के पिता ने दलील दी कि उनका परिवार दुनिया भर में सिखों और हिंदुओं के बीच ’बदनाम’ हो गया है और लगातार हिंसा, धमकियों का सामना करता रहा है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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