CJP Protest: राष्ट्रीय राजधानी के केंद्र में मौजूद जंतर-मंतर का इलाका सुरक्षाकर्मियों से पटा हुआ है। आलम ऐसा है कि प्रदर्शनकारियों से कहीं ज्यादा संख्या में आपको अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी दिखाई देगी। नीट परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रोटेस्ट से सीख लेते हुए दिल्ली पुलिस ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए। राजधानी तक पहुंचने वाले तमाम रास्तों पर बैरिकेटिंग की गई और यातायात को धीमा कर दिया गया। मेट्रो स्टेशनों पर ताला लगा दिया गया और जंतर-मंतर के चार किलोमीटर के इलाके पर इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगाई गई।
दिल्ली पुलिस की इन तमाम कोशिशों के चलते भारी संख्या में प्रदर्शनकारी राजधानी में एकजुट तो नहीं हो पाए और जो प्रदर्शनस्थल की ओर बढ़ने के प्रयास में जुटे रहे या जिन पर संदेह हुआ कि यह प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं, उन्हें सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में ले लिया।
एक तरफ देशभर में यह संदेश गया कि दिल्ली एकदम शांत है तो दूसरी तरफ भारी संख्या में तैनात सुरक्षाकर्मियों की तस्वीरें और हाथ-पांव पकड़कर ले जाते हुए प्रदर्शनकारियों की तस्वीर सामने आ रही है तो चलिए विस्तार से समझते हैं कि आखिर दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की योजनाओं पर आखिर पानी कैसे फेर दिया।
धाराशायी हो गया CJP का प्लान
दिल्ली पर सुरक्षा का ऐसा पहरा बिछाया गया कि सीजेपी के सारे प्लान धरे के धरे रह गए। पुलिस ने दिल्ली को 20 जोन में विभाजित किया और उसके लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की। जिन रास्तों और इलाकों पर प्रदर्शनकारी एकजुट हो सकते थे उन रास्तों पर सुरक्षाकर्मी पहले से भी मुस्तैद थे और बीती रात से ही अधिकारियों ने अपना डेरा जमा रखा था।
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ड्रोन के जरिए हो रही निगरानी
नई दिल्ली के पूरे इलाके में पुलिस प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। प्रदर्शनकारियों को रीगल सिनेमा के पास, मिंटो ब्रिज और आकाशवाणी भवन के पास सहित कई स्थानों से हिरासत में लिया गया।
अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाए गए
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा उपायों के तहत नई दिल्ली, मध्य दिल्ली और उत्तर दिल्ली जिलों के अहम स्थानों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए।
तथाकथित लीडर्स पर पुलिस की नजर
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पुलिस की कुछ ऐसे लोगों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर थी, जो प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोगों को एकत्रित कर सकते हैं या उन्हें इसमें शामिल होने के लिए प्रभावित कर सकते हैं। तभी तो यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया, जबकि सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके, प्रवक्ता आशुतोष रांका, सौरभ दास जैसे ही दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुए, उन्हें विमान के भीतर से ही हिरासत में ले लिया गया और अलग-अलग जगह ले जाया गया।
विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) देवेश श्रीवास्तव ने समाचार एजेंसी पीटीआई/भाषा से बातचीत में कहा, ''हमने आज सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं और पड़ोसी राज्यों से सटे इलाकों में पड़ोसी पुलिस बलों के समन्वय से पिकेट स्थापित किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को जमीनी स्तर पर तैनात किया गया है। इसके साथ ही हमें नागरिकों का सहयोग मिल रहा है और अमन कमेटी जैसी हमारी कम्युनिटी पुलिसिंग टीम काम कर रही हैं।''
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया की मौजूदा स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है, क्योंकि हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि ऐसे किसी प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।
पुलिस पर पथराव
इस बीच, आकाशवाणी भवन के पास पथराव की घटना को रिपोर्ट किया गया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स को लांघने के बाद आकाशवाणी भवन के पास इम्तियाज अली मार्ग पर सुरक्षाकर्मियों पर कथित तौर पर पथराव किया, जिसमें दो पुलिसकर्मियों घायल हो गए। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।
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45 मेट्रो स्टेशन बंद
जुलाई में हुए प्रोटेस्ट में ज्यादातर प्रदर्शनकारी मेट्रो की मदद से धरना स्थल पर पहुंच रहे थे, तभी तो इस बार दिल्ली पुलिस ने 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का प्रस्ताव भेजा था और डीएमआरसी ने 57 स्टेशनों का बंद भी कर दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा तो शाम होते-होते बंद किए जाने वाले मेट्रो स्टेशनों की संख्या कम कर दी गई।
सनद रहे कि दिल्ली पुलिस ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी के प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद सीजेपी ने प्रदर्शनकारियों से दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया जिसके मद्देनजर राजधानी में 25 हजार सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने के साथ-साथ 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया, सीमावर्ती स्थलों, बस टर्मिनल, होटलों और अन्य संवेदनशील स्थानों की जांच की गई।
CJP Protest
अबतक कितने प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
खबर लिखे जाने तक लगभग 2,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है जिनमें तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, गोपाल राय शामिल हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों को जब हिरासत में लिया गया तब वह 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगा रहे थे।
