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सरकार ने मराठा समुदाय के हित में निकाला समाधान, बोले सीएम फडणवीस

29 अगस्त को दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में अपनी भूख हड़ताल शुरू करने वाले जरांगे ने मंगलवार दोपहर को सरकार द्वारा उनकी अधिकांश मांगों को स्वीकार करने के बाद अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया, जिसमें मराठा कुनबी जाति प्रमाण पत्र प्रदान करना भी शामिल है।

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सीएम देवेंद्र फडणवीस (PTI)

Marathas Quota Row: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठा आरक्षण की मांग को लेकर कार्यकर्ता मनोज जरांगे द्वारा अपना पांच दिवसीय अनशन वापस लेने के फैसले की सराहना की है और कहा है कि सरकार ने मराठा समुदाय के हित में समाधान निकाला है। मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा मराठा समुदाय के कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया है और उम्मीद जताई कि आरक्षण के मुद्दे पर राज्य के फैसले से उन्हें बड़ा लाभ मिलेगा।

जरांगे ने भूख हड़ताल की खत्म

29 अगस्त को दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में अपनी भूख हड़ताल शुरू करने वाले जरांगे ने मंगलवार दोपहर को सरकार द्वारा उनकी अधिकांश मांगों को स्वीकार करने के बाद अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया, जिसमें मराठा कुनबी जाति प्रमाण पत्र प्रदान करना भी शामिल है। इससे वे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को मिलने वाले आरक्षण लाभों के पात्र बन जाएंगे। 43 वर्षीय कार्यकर्ता जरांगे ने मराठा आरक्षण पर कैबिनेट उप-समिति के प्रमुख और भाजपा के वरिष्ठ मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल हाथों से फलों के जूस पीकर अपना अनशन समाप्त किया।

आरक्षण व्यक्तियों को दिया जा सकता है, समुदाय को नहीं

इस बारे में बात करते हुए, मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि उन्हें खुशी है कि जरांगे ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। मैं उप-मुख्यमंत्रियों (एकनाथ शिंदे और अजित पवार) के साथ-साथ कैबिनेट उप-समिति (मराठा आरक्षण पर) के प्रमुख राधाकृष्ण विखे पाटिल को भी धन्यवाद देता हूं। फडणवीस ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि जाति प्रमाण पत्र व्यक्तियों को दिया जा सकता है, समुदाय को नहीं।

उन्होंने कहा, हमने एक रास्ता निकाला है और हैदराबाद गजेटियर लागू करने की उनकी सबसे प्रमुख मांग को स्वीकार कर लिया है। हमें इसमें कोई दो राय नहीं है। वे मांग कर रहे थे कि इसे सभी मराठों के लिए लागू किया जाए। लेकिन हमने उन्हें समझाने की कोशिश की कि आरक्षण किसी समूह के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तियों के लिए है, इसलिए इस तरह का फैसला नहीं लिया जा सकता क्योंकि इसके लिए प्रमाण की आवश्यकता होती है। हैदराबाद गजेटियर एक प्रमाण के रूप में मददगार साबित होगा।

हैदराबाद गजेटियर की जाति सूची की होगी जांच

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर उनके पूर्वजों का नाम हैदराबाद गजेटियर में कुनबी जाति सूची में पाया जाता है, तो इससे उन्हें फायदा होगा और नियमानुसार, उन्हें प्रमाण पत्र और आरक्षण मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि मराठा प्रदर्शनकारियों ने भी इस दृष्टिकोण को समझा और इसे स्वीकार कर लिया। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने हैदराबाद गजेटियर को लागू करने का फैसला किया है जिसमें पुराने रिकॉर्ड मिलेंगे। फडणवीस ने कहा कि मुझे लगता है कि मराठा समुदाय को बहुत बड़ा लाभ मिलेगा। हमने जरांगे की मांगों से जुड़े कानूनी मुद्दों से उन्हें अवगत कराया।

उन्होंने कहा कि आलोचना से राजनीति में किसी को भी विचलित नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार समुदाय के कल्याण के लिए काम करती है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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