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GBS: क्या है 'गुइलेन-बैरे सिंड्रोम' ? जिसने महाराष्ट्र में मचाया हाहाकार; एक की मौत! 110 से ज्यादा संक्रमित

Guillain-Barre Syndrome: एक के बाद एक गंभीर बीमारियां दस्तक दे रही हैं। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में फैली रहस्यमयी बीमारी के बाद अब जीबीएस (गुइलेन-बैरे सिंड्रोम) नामक बीमारी से महाराष्ट्र में हाहाकार मचा हुआ है। सोलापुर जिले में इस बीमारी से एक व्यक्ति की मौत होने का संदेह जताया जा रहा है।

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महाराष्ट्र जीबीएस केस

Photo : iStock

Guillain-Barre Syndrome: एक के बाद एक गंभीर बीमारियां दस्तक दे रही हैं। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में फैली रहस्यमयी बीमारी के बाद अब जीबीएस (गुइलेन-बैरे सिंड्रोम) नामक बीमारी से महाराष्ट्र में हाहाकार मचा हुआ है। सोलापुर जिले में इस बीमारी से एक व्यक्ति की मौत होने का संदेह जताया जा रहा है। जीबीएस एक दुर्लभ विकार है, जिसमें शरीर के हिस्से अचानक सुन्न पड़ जाते हैं तो चलिए इस बीमारी के बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या है 'गुइलेन-बैरे सिंड्रोम'

जीबीएस एक दुर्लभ विकार है, जिसमें शरीर के हिस्से अचानक सुन्न पड़ जाते हैं और मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है। इसके साथ ही इस बीमारी में हाथ पैरों में गंभीर कमजोरी जैसे लक्षण भी होते हैं। डॉक्टरों का मानना है कि आमतौर पर जीवाणु और वायरल संक्रमण जीबीएस का कारण बनते हैं, क्योंकि वे रोगियों की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करते हैं।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि सोलापुर जिले में जीबीएस से संदिग्ध रूप से संक्रमित एक व्यक्ति की मौत हो गई तथा पुणे में इस विकार से संक्रमित लोगों की संख्या 110 के पार पहुंच गई है। यह महाराष्ट्र में जीबीएस के कारण हुई मौत का संभवत: पहला मामला है। अधिकारियों ने बताया कि सोलापुर का रहने वाला 40 वर्षीय यह व्यक्ति पुणे आया था और संदेह है कि वह पुणे में संक्रमित हुआ। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर ने मौत की पुष्टि की।

सांस लेने में होती है समस्या

सोलापुर सरकारी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजीव ठाकुर ने बताया कि सांस लेने में तकलीफ, निचले अंगों में कमजोरी, दस्त जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीज को 18 जनवरी को (सोलापुर में) एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसे कई बार वेंटिलेटर पर रखा गया। रविवार को उसकी मौत हो गई। ठाकुर ने बताया कि मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए उन्होंने क्लिनिकल पोस्टमार्टम कराया है।

अधिकारी ने कहा कि प्राथमिक रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि वह जीबीएस से संक्रमित था। मृतक के रक्त के नमूने जांच के लिए पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV) भेजे गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को पुणे में जीबीएस के नौ और संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे महाराष्ट्र के दूसरे सबसे बड़े शहर में कुल मामलों की संख्या 110 हो गई।

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इनमें 73 पुरुष और 37 महिलाएं हैं, तथा 13 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 35,068 घरों का सर्वेक्षण किया गया है, जिसमें पुणे नगर निगम (पीएमसी) के अंतर्गत 23,017 घर, पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम के अंतर्गत 4,441 घर और ग्रामीण क्षेत्रों में 7,610 घर शामिल हैं। हमने एनआईवी को मल के 44 नमूने भेजे हैं। सभी का परीक्षण किया गया। इनमें से 14 नमूनों में नोरोवायरस और पांच नमूनों में कैम्पिलोबैक्टर पाया गया।

नांदेड़ में कुएं का हुआ निरीक्षण

स्वास्थ्य मंत्री अबितकर ने सिंहगढ़ रोड पर नांदेड़ गांव में एक कुएं का निरीक्षण किया, जहां से आस-पास के गांवों को पानी की आपूर्ति की जाती है। उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत मामले इस कुएं के आसपास के इलाकों से हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग और पुणे नगर निगम (PMC) इस मुद्दे को हल करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं।

अबितकर ने कहा कि आमतौर पर इस बीमारी के कारण मौत नहीं होती है। हालांकि, एक दुर्भाग्यपूर्ण मामले में, सोलापुर में जीबीएस से संक्रमित एक मरीज की मौत हो गई। एहतियात बरता जा रहा है और यह सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता फैलाई जा रही है कि आगे कोई हताहत न हो।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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