सीएम ममता बनर्जी का दावा- SIR से परेशान होकर बीएलओ ने की आत्महत्या।(फोटो सोर्स: mamata banerjee)
SIR In Bengal: पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सियासी हलचल मची हुई है। ममता सरकार लगातार SIR की खिलाफत कर रही है, तो बीजेपी का कहना है कि हर हाल में राज्य में यह प्रक्रिया हो। इसी बीच सीएम ममता बनर्जी ने दावा किया है कि कृष्णनगर में महिला BLO ने आत्महत्या कर ली है। उसने सुसाइड नोट में चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया है।
सीएम ममता बनर्जी ने एक्स हैंडल पर लिखा, "नादिया जिले के कृष्णनगर में एक महिला बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की मौत ने चुनावी ड्यूटी की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसी 82 चापरा के पार्ट नंबर 201 की बीएलओ और पारा-टीचर रिंकू ताराफदार ने सोमवार को अपने आवास पर कथित रूप से आत्महत्या कर ली।
सुसाइड नोट की कराई जाएगी फोरेंसिक जांच
उन्होंने आगे लिखा कि प्रारंभिक जांच में पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें रिंकू ताराफदार ने अपनी मृत्यु के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया है। नोट में उन्होंने चुनावी ड्यूटी से जुड़े दबाव और हालात का उल्लेख किया है। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग में चिंता की लहर है। लगातार सामने आ रही BLO तथा चुनावी कर्मियों की मौतों पर कर्मचारी संगठनों ने गंभीर आपत्तियां जताई हैं। वे कह रहे हैं कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान स्टाफ पर बढ़ते दबाव और मानसिक तनाव को लेकर तत्काल समीक्षा की आवश्यकता है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। परिवार ने शासन-प्रशासन से निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
बीएलओ की मौत और एसआईआर मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता कुणाल घोष ने कहा,"नादिया से बीएलओ का आत्महत्या पत्र दयनीय है। चुनाव आयोग ने एसआईआर के लिए पर्याप्त उपकरण उपलब्ध नहीं कराए। न केवल बंगाल, बल्कि राजस्थान, तमिलनाडु और गुजरात से भी बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की आत्महत्या की खबरें आ रही हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है... एक तरफ, भारत में आम मतदाता आत्महत्या कर रहे हैं, और दूसरी तरफ, बीएलओ भी अपनी जान ले रहे हैं। इस बीच, भाजपा नेता इन घटनाओं पर टिप्पणी करके पीड़ित परिवारों का मजाक उड़ा रहे हैं।" पश्चिम बंगाल के नादिया ज़िले में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के रूप में कार्यरत एक महिला शनिवार को अपने घर पर लटकी हुई पाई गई। उसके परिवार वालों का दावा है कि वह काम के तनाव में थी और उसने आत्महत्या कर ली।"
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 25 नवंबर को उत्तर 24 परगना जिले के बनगांव में एसआईआर विरोधी रैली को संबोधित करेंगी। ममता बनर्जी रैली के बाद बनगांव में एक विरोध मार्च में भी भाग लेंगी। यह दूसरी एसआईआर विरोधी रैली और विरोध मार्च होगा जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री करेंगी। इससे पहले 4 नवंबर को कोलकाता में SIR के खिलाफ रैली निकाली गई थी।
हाल ही में सीएम ममता बनर्जी ने SIR प्रक्रिया को “खतरनाक स्टेज” पर पहुंचा हुआ बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चिट्ठी लिखी है और तत्काल SIR रोकने की अपील की है। सीएम ममता का कहना है कि यह प्रक्रिया “अव्यवस्थित और दबाव बनाने वाली” है। इसकी वजह से न सिर्फ अधिकारी बल्कि आम नागरिक भी खतरे में हैं।
शुक्रवार को गुजरात के एक शिक्षक ने आत्महत्या कर ली। वहीं दाहोद में एक बीएलओ को तबियत खराब होने पर अस्पताल ले जाया गया। गीर सोमनाथ के कोडीनार में मतदाता सुची सुधार कार्यक्रम से जुड़े शिक्षक व बीएलओ अरविंद बाढेले ने सुसाइड नोट में लिखा है कि किसी भी हाल में उनसे मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम नहीं हो पायेगा। कई दिनों से थकान व मानसिक तनाव महसूस कर रहा हैं, इसलिए अब यह अंतिम कदम उठा रहा हूं।
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