PM Modi Padma Shri Award Ceremony: पुडुचेरी के सिलंबम विशेषज्ञ के. पजानिवेल को सोमवार को प्राचीन तमिल मार्शल आर्ट को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया। 30 जनवरी, 1973 को पूरनंकुप्पम में जन्मे पजानिवेल ने मास्टर राजाराम के मार्गदर्शन में सिलंबम का प्रशिक्षण शुरू किया और भारत तथा विदेशों में इस पारंपरिक मार्शल आर्ट को लोकप्रिय बनाने में दशकों समर्पित कर दिए। पद्म श्री ग्रहण करने से पहले, पजानिवेल ने सम्मान प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'दंडवत प्रणाम' किया। प्रधानमंत्री मोदी भी अपनी जगह से उठे और उन्होंने भी पजानिवेल को प्रणाम किया।
जैसे पजानिवेल मोदी के सामने आकर प्रणाम करने लगे, पीएम मोदी तुरंत चेयर से उठे और उनको ऐसा करने से रोकने लगे, जहां उनका अभिवादन स्वीकार करते हुए हाथ जोड़े। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह भी अंत में ताली बजाते नजर आए।
छात्रों में फ्री में किया ट्रेन
पजानिवेल ने कई छात्रों को मुफ्त में प्रशिक्षण दिया है और प्रदर्शनों, प्रस्तुतियों तथा प्रतियोगिताओं के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर 'सिलंबम' का प्रतिनिधित्व किया है। सिलंबम हथियारों पर आधारित एक मार्शल आर्ट है, जिसके 5,000 वर्ष से भी अधिक पुराना होने की बात कही जाती है। इसमें मुख्य रूप से बांस की लाठी का उपयोग किया जाता है और यह अपनी गति, सटीकता तथा पैरों की फुर्तीली चाल के लिए जाना जाता है।
पजानिवेल को इससे पहले 2023 में मार्शल आर्ट्स के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला था। उनके अन्य सम्मानों में 2012 में पुडुचेरी सरकार की ओर से 'कलाईमामणि पुरस्कार', 2004 में नेहरू युवा केंद्र की ओर से 'सर्वश्रेष्ठ युवा पुरस्कार' और 2002 में 'सिलंबम अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार' शामिल हैं।
इस बीच, बलदेव सिंह को भी 'पद्म श्री' से सम्मानित किया गया। उन्हें भारतीय महिला हॉकी के अग्रणी व्यक्तियों में से एक माना जाता है। उन्होंने हरियाणा के शाहबाद मारकंडा को महिला हॉकी प्रतिभाओं के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है।
