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मुंबई पुलिस के पास फिर आया धमकी भरा फोन, कॉलर बोला- 'लोकल ट्रेन में होंगे सीरियल ब्लास्ट'

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 6, 2023, 10:18 AM IST

Mumbai Crime News: पुलिस कंट्रोल रूम को एक आदमी से धमकी भरा फोन आया। फोन करने वाले ने पुलिस को बताया कि मुंबई की लोकल ट्रेन में सिलसिलेवार धमाके होंगे। इस कॉल के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

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मुंबई पुलिस

Photo : iStock

Mumbai Crime News: मुंबई पुलिस के पास धमकी भरे फोन कॉल आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बार फिर से एक ऐसा ही फोन आया है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस कंट्रोल रूम में एक आदमी ने फोन कर मुंबई में सीरियल ब्लास्ट की धमकी दी है। इस कॉल के बाद पुलिस हकरत में आ गई है। अधिकारियों का कहना है कि फोन करने वाले की तलाश की जा रही है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पुलिस कंट्रोल रूम को एक आदमी से धमकी भरा फोन आया। फोन करने वाले ने पुलिस को बताया कि मुंबई की लोकल ट्रेन में सिलसिलेवार धमाके होंगे। फोन करने वाले ने दावा किया कि वह विले पार्ले इलाके से बोल रहा है और फिर उसने अपना फोन बंद कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है।

बीते महीने भी मिली थी ऐसी ही धमकी

बता दें, इससे पहले बीते महीने भी मुंबई पुलिस को इसी तरह की धमकी मिली थी। 23 जुलाई को मुंबई पुलिस को एक धमकी भरा फोन आया था कि RDX भरा एक टैंकर दो पाकिस्तानी नागरिकों के साथ मुंबई से गोवा की ओर बढ़ रहा है। यह कॉल रात एक बजे मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को की गई थी। इसके बाद पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी थी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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