प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक के समापन सत्र को संबोधित किया। यह बैठक राजधानी स्थित नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के कन्वेंशन सेंटर में सोमवार को शुरु हुई थी। इसके बाद बीजेपी के सीनियर नेता और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने नई दिल्ली में एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने कहा कि जिस प्रकार से हमने बेटी बचाओ अभियान को सफल बनाया उसी प्रकार से धरती बचाओ अभियान भी चलाना होगा। फर्टिलाइजर की अधिकता के कारण जलवायु परिवर्तन और धरती माता पर पड़ने वाले परिणामों को कम करने की आवश्यकता है।
'अमृत काल' को 'कर्तव्य काल' में बदलने से आगे बढ़ेगा देश
उन्होंने कहा कि आज का प्रधानमंत्री जी का उद्बोधन प्रेरक भी था, दिशा दर्शक भी था और नई राह दिखने वाला था। उन्होंने कहा कि अपने जीवन का क्षण-क्षण भारत की विकास गाथा में लगाएं। इस 'अमृत काल' को 'कर्तव्य काल' में परवर्तित करने से ही देश को आगे ले जाय जा सकता है।
सभी राज्य एक दूसरे भावनात्मक रूप से जुड़ें
उन्होंने कहा कि हमें सलाह दी गई थी कि मोर्चा के कुछ विशेष कार्यक्रम विशेष रूप से सीमावर्ती गांवों में आयोजित किए जाएं। ताकि हम उनसे और जुड़ सकें और हमारी विकास की योजनाएं इन क्षेत्रों तक पहुंचे। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि आकांक्षी जिलों के विकास में भी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की भूमिका हो। इसके अतिरिक्त हमारे सभी राज्य एक दूसरे के साथ समन्वय बढ़ाते हुए भावनात्मक रूप से जुड़ें।
समाज को बदलने का कार्य बीजेपी को करना है
फडणवीस ने कहा कि पीएम ने कहा कि 18-25 वर्ष से कम आयु के लोगों ने भारत के राजनीतिक इतिहास को नहीं देखा है। उन्हें पिछली सरकारों में हुए भ्रष्टाचार और गलत कामों के बारे में पता नहीं है। इसलिए, उन्हें जागरूक करने और उन्हें बीजेपी के सुशासन के बारे में बताने की जरुरत है। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि किस प्रकार से हम कुशासन से सुशासन की ओर आए हैं ये संदेश हमें युवाओं तक पहुंचाना है। हमें संवेदनशीलता के साथ समाज के सभी अंगों से जुड़ना है। वोट की चिंता किए बिना देश और समाज को बदलने का कार्य बीजेपी को करना है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का भाषण किसी राजनेता का नहीं बल्कि स्टेट्समैन का था। उन्होंने देश को पार्टी से ऊपर रखा।
