Shintaphu Lake : भूटान की शिंताफू झील में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) यानी हिमनद झील के फटने से आने वाली बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर अलीपुरद्वार प्रशासन अलर्ट पर है। संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। स्कूलों को राहत केंद्र बनाकर करीब 4,000 से 5,000 लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों पर पहुंचाया है। इसके अलावा 6,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। SDRF टीम मौके पर मौजूद है और NDRF की एक टीम भी रास्ते में है। सिविल डिफेंस की टीम भी तैनात की गई है।
6,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
तैयारियों पर एसपी अमित कुमार शॉ ने कहा, 'सबसे पहले मैं जिले के लोगों से कहना चाहता हूं कि उन्हें बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। हम भूटान के अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं। हमारी पुलिस टीम, जिलाधिकारी (DM), प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) और उनकी टीमें, सभी संबंधित एजेंसियां तथा हितधारक आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। हमारी SDRF टीम मौके पर मौजूद है और NDRF की एक टीम भी रास्ते में है। सिविल डिफेंस की टीम भी तैनात की गई है। हमने स्कूलों को राहत केंद्र बनाकर करीब 4,000 से 5,000 लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों पर पहुंचाया है। इसके अलावा 6,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।'
संकोश नदी प्रणाली के लिए रेड अलर्ट जारी
पुलिस अधिकारी ने कहा कि पानी के मौजूदा बहाव और हमें मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, बाढ़ के पानी की तीव्रता में थोड़ी कमी आई है, लेकिन हम अब भी पूरी तरह अलर्ट पर हैं। पुलिस, जिलाधिकारी कार्यालय और BDO कार्यालय की ओर से सूखे राशन और पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। शौचालय जैसी अन्य बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। हम अगले दो घंटों में स्थिति का आकलन करेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। फिलहाल संकोश नदी प्रणाली के लिए रेड अलर्ट जारी है। अगले कुछ घंटों में संकोश नदी में पानी का बहाव बढ़ने की आशंका है। इसके साथ मरी हुई मछलियां, लकड़ी के बड़े-बड़े टुकड़े और कंक्रीट का मलबा भी बहकर आने की संभावना है।"
पानी के मैदानी इलाकों तक पहुंचने की आशंका
संभावित प्रभाव को लेकर राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने कहा, 'अभी-अभी भूटान में हिमनद झील के फटने की खबरें मिली हैं। झील का पानी उफनकर नीचे की ओर मो छू नदी में बह रहा है, जहां से इसके संकोश नदी में पहुंचने की आशंका है। संकोश नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए तत्काल सुरक्षित दूरी पर जाने की सलाह दी गई है। अगले 5 से 6 घंटों में इस पानी के मैदानी इलाकों तक पहुंचने की आशंका है, जिससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।'
हालात पर सरकार की नजर-प्रमाणिक
प्रमाणिक ने आगे कहा कि स्थिति से निपटने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन दल को सक्रिय कर दिया गया है और NDRF को भी सूचित कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन स्वयंसेवकों को मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठा रही है और पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
