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'दोनों पक्ष सनातनी, आपस में करें समझौता', अविमुक्तेश्वरानंद और योगी सरकार विवाद पर बोले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के बीच विवाद को लेकर बागेश्वर पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का शुक्रवार को बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे विवादों से सनातन का उपहास नहीं होना चाहिए। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपील की कि दोनों पक्षों को आपस में बैठकर समझौता कर लेना चाहिए और एक बीच का रास्ता निकालना चाहिए ताकि स्थिति का शांतिपूर्ण समाधान हो सके।

dhirendra krishna shastri

बागेश्वर पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

Photo : Times Now Digital

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के बीच विवाद को लेकर बागेश्वर पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का शुक्रवार को बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे विवादों से सनातन का उपहास नहीं होना चाहिए।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने क्या कुछ कहा?

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि वह स्वंय प्रयागराज नहीं जा पाए हैं, इसलिए उन्हें विवाद के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि इस विषय में जो कुछ भी देखा या सुना है, वह केवल सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से है। उन्होंने कहा, ''सनातन का हास्य-परिहास न हो। दोनों पक्ष (सरकार और शंकराचार्य) हमारे अपने हैं और दोनों ही सनातनी हैं।''

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगे अपील की कि दोनों पक्षों को आपस में बैठकर समझौता कर लेना चाहिए और एक बीच का रास्ता निकालना चाहिए ताकि स्थिति का शांतिपूर्ण समाधान हो सके।

क्या है पूरा विवाद

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन प्रशासन ने यह कह कर रोक दिया कि संगम नोज पर भीड़ अधिक है। ऐसे में वाहन नहीं ले जा सकते हैं जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया और हाथापाई भी हुई। इस घटना के बाद अविमुक्तेश्वरानंद धरने पर बैठ गए। इसके बाद प्रशासन ने एक के बाद एक दो नोटिस भेज दिए, जिसका उन्होंने जवाब भी दिया है।

अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से नोटिस का दिया गया जवाब

मेला पुलिस और प्रशासन द्वारा कथित तौर पर रोके जाने के बाद जारी विवाद के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से मेला प्रशासन को दूसरे नोटिस का जवाब भेज दिया गया है। मेला प्रशासन ने दूसरे नोटिस में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछा था कि क्यों न उनकी संस्था को दी जा रही भूमि एवं सुविधाओं को निरस्त कर उन्हें सदैव के लिए मेले में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया जाए।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया है कि मेला प्रशासन द्वारा लगाया गया यह आरोप कि स्वामी जी बग्घी से मौनी अमावस्या स्नान के लिए गए थे, पूरी तरह निराधार और दुर्भावनापूर्ण है तथा फिलहाल न तो स्वामी के शिविर में और न ही उनके किसी आश्रम में कोई बग्घी है।

मेला प्राधिकरण द्वारा जारी नोटिस में कहा गया था कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मौनी अमावस्या पर आरक्षित पुल संख्या दो पर लगे बैरियर को तोड़ते हुए बग्घी पर सवार होकर भीड़ के साथ जा रहे थे। उस समय स्नानार्थियों की अत्यधिक भीड़ थी और केवल पैदल आवागमन की अनुमति थी।

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अनुराग गुप्ता
अनुराग गुप्ता author

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स ... और देखें

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