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गणतंत्र दिवस 2025: विभिन्न सेवाओं के 942 कर्मियों को मिलेगा वीरता और सेवा पदक, देख लीजिए पूरी डिटेल

Republic Day 2025: गणतंत्र दिवस 2025 से पहले विभिन्न सेवाओं के 942 कर्मियों को वीरता और सेवा पदक दिए गए हैं। इस लिस्ट में उत्तर प्रदेश अव्वल दर्जे पर है। वीरता पुरस्कार के लिए इस राज्य के पुलिस के 17 अधिकारियों और जवानों के नाम शामिल हैं, जबकि अग्निशमन विभाग से वीरता पुरस्कार के लिए कुल 16 लोगों का चयन किया गया है।

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942 कर्मियों को वीरता एवं सेवा पदक प्रदान किए जाएंगे, जिनमें 5 मरणोपरांत सम्मान भी शामिल हैं।

Medal for Gallantry: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर कुल 942 पुलिस, अग्निशमन व नागरिक सुरक्षा कर्मियों को विभिन्न श्रेणियों के वीरता और सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा। शनिवार को जारी एक सरकारी बयान में यह जानकारी दी गई है। इनमें 95 वीरता पदक शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि पुरस्कार पाने वालों में पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा के कर्मी शामिल हैं। वीरता पुरस्कार विजेताओं में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनात 28, जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में तैनात 28, पूर्वोत्तर में तैनात तीन और अन्य क्षेत्रों में तैनात 36 कर्मी शामिल हैं।

942 पुलिस, अग्निशमन व नागरिक सुरक्षा कर्मियों को पुरस्कार

मंत्रालय ने कहा कि 101 राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक (पीएसएम) में से 85 पदक पुलिस कर्मियों, पांच अग्निशमन सेवा कर्मियों, सात नागरिक सुरक्षा व होमगार्ड सेवा कर्मियों और चार सुधारात्मक सेवा से जुड़े कर्मियों को दिए जाएंगे। बयान में कहा गया है कि 746 उत्कृष्ट सेवा पदकों (एमएसएम) में से 634 पुलिस सेवा, 37 अग्निशमन सेवा, 39 नागरिक सुरक्षा और गृह रक्षक सेवा तथा 36 सुधारात्मक सेवा कर्मियों को दिए जा रहे हैं।

यूपी पुलिस, अग्निशमन विभाग के 33 अधिकारी-जवान होंगे सम्मानित

गणतंत्र दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश पुलिस और अग्निशमन विभाग के 33 अधिकारियों और जवानों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से अधिसूचना जारी की गई है। इस अधिसूचना में उन सभी जवानों के नाम दर्ज हैं, जिन्हें गणतंत्र दिवस के मौके पर सम्मानित किया जाएगा।

सम्मानित होने वाले पुलिसकर्मियों की सूची देखें

केंद्रीय गृह मंत्रालय की इस अधिसूचना में उत्तर प्रदेश पुलिस के 17 अधिकारियों और जवानों के नाम शामिल हैं। इसमें कांस्टेबल देवदत्त सिंह, कांस्टेबल रंजन कुमार, कांस्टेबल रितुल कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक नीपुण अग्रवाल (आईपीएस), पुलिस उप-अधीक्षक स्वतंत्र कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर मुन्नेश सिंह, कांस्टेबल नीरज कुमार पाल, सहायक पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, पुलिस उप-अधीक्षक कुलदीप कुमार, इंस्पेक्टर गितेश कपिल, कांस्टेबल प्रवीण अहलावत, सब-इंस्पेक्टर अंगद सिंह यादव, इंस्पेक्टर अमित, अतिरिक्त अधीक्षक डॉ दीपक शर्मा, इंस्पेक्टर अबद्दुर रहमान सिद्दीकी, इंस्पेक्टर रिपुदमन सिंह का नाम शामिल है।

सम्मानित होने वाले अग्निशमन कर्मियों की सूची देखें

उधर, अग्निशमन विभाग से वीरता पुरस्कार के लिए कुल 16 लोगों का चयन किया गया है। इस सूची में शीर्ष पर चीफ फायर ऑफिसर राहुल पाल, फायर स्टेशन ऑफिसर कनवर सिंह, फायरमैन जोगेंद्र सिंह, ड्राइवर सतेंद्र सिंह, फायरमैन प्रह्लाद सिंह राणा, फायरमैन आयुष्मान कुमार शर्मा, चीफ फायर ऑफिसर दीपक शर्मा, फायर स्टेशन द्वितीय अधिकारी कमलेंद्र कुमार सिंह, फायर स्टेशन ड्राइवर सुदेश कुमार बाबू, फायरमैन करवेन्द्र सिंह, फायरमैन शैलेष, फायरमैन आदित्य पाठक, चीफ फायर ऑफिसर अरूण कुमार सिंह, फायर स्टेशन ऑफिसर श्रीनारायण सिंह , फायरमैन कपिल यादव और फायरमैन मुकुल का नाम शामिल है।

छत्तीसगढ़ के कितने पुलिसकर्मियों को वीरता पुरस्कार

गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर छत्तीसगढ़ ने पुलिस सेवा श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 11 वीरता पदक (Gallantry Medal) अर्जित किए। यह राज्य के सुरक्षा बलों की निष्ठा, समर्पण और बहादुरी का प्रमाण है। इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ के एक अधिकारी को “राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक” (PSM) और 10 अधिकारियों को “सराहनीय सेवा पदक” (MSM) से सम्मानित किया गया। कुल मिलाकर, पुलिस सेवा में राज्य ने इस बार 22 पुरस्कार हासिल किए, जो इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक गौरवपूर्ण स्थान प्रदान करते हैं।

होम गार्ड और सिविल डिफेंस श्रेणी में भी छत्तीसगढ़ ने अपनी पहचान दर्ज कराई, जहां राज्य के एक अधिकारी को “सराहनीय सेवा पदक” से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ की कानून-व्यवस्था और आपात सेवाओं में दिए गए योगदान की सराहना करता है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि ने राज्य को राष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर गौरवान्वित किया है।

साल में दो बार ये पुरस्कार दिए जाते हैं। पहला 26 जनवरी यानि गणतंत्र दिवस और दूसरा 15 अगस्त यानि स्वतंत्रता दिवस पर दिया जाता है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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