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2022 में वैश्विक स्तर पर रिकॉर्ड 75 लाख लोगों में TB का चला पता, 46 फीसदी इस इलाके से

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Nov 8, 2023, 06:05 PM IST

2020 और 2021 में टीबी के नए मामलों का पता चलने में वैश्विक स्तर पर गिरावट आई थी, जिसमें 60 प्रतिशत से अधिक गिरावट भारत, इंडोनेशिया और फिलीपीन में दर्ज की गई थी।

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टीबी के रिकॉर्ड मामले आए सामने

Photo : PTI

TB Cases Increased Globally: दुनिया में हर साल तपेदिक (TB) के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। साल 2022 में दुनिया में कुल 75 लाख लोगों में टीबी होने का पता चला है। यह 1995 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा वैश्विक टीबी निगरानी शुरू किए जाने के बाद यह सबसे अधिक है। यह जानकारी 192 देशों और क्षेत्रों के आंकड़ों वाली एक रिपोर्ट में दी गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की 2023 वैश्विक टीबी रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि वैश्विक स्तर पर, 2022 में अनुमानित एक करोड़ छह लाख लोग टीबी से बीमार पड़े, जो 2021 के आंकड़े एक करोड़ तीन लाख से अधिक है।

साल 2020-21 में आई थी भारी गिरावट

रिपोर्ट 2022 में टीबी निदान और उपचार सेवाओं के पैमाने में एक महत्वपूर्ण विश्वव्यापी सुधार को रेखांकित करती है। यह टीबी संबंधी सेवाओं पर कोविड-19 व्यवधानों के हानिकारक प्रभावों को दूर करने के लिए एक उत्साहजनक प्रवृत्ति को दर्शाती है। वर्ष 2020 और 2021 में टीबी के नए मामलों का पता चलने में वैश्विक स्तर पर गिरावट आई थी, जिसमें 60 प्रतिशत से अधिक गिरावट भारत, इंडोनेशिया और फिलीपीन में दर्ज की गई थी।

डब्ल्यूएचओ ने जताई चिंता

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा कि सदियों तक, हमारे पूर्वज तपेदिक से पीड़ित रहे और मरते रहे, बिना यह जाने कि यह क्या था, इसका कारण क्या था, या इसे कैसे रोका जाए। उन्होंने कहा, आज, हमारे पास ज्ञान और उपकरण हैं जिनका उन्होंने केवल सपना देखा होगा। हमारे पास राजनीतिक प्रतिबद्धता है, और हमारे पास एक अवसर है जो मानवता के इतिहास में किसी भी पीढ़ी के पास नहीं है: टीबी की कहानी में अंतिम अध्याय लिखने का अवसर।

दक्षिण-पूर्व एशिया में सबसे ज्यादा पीड़ित

भौगोलिक रूप से 2022 में टीबी की चपेट में आने वाले अधिकतर लोग दक्षिण-पूर्व एशिया (46 प्रतिशत), अफ्रीका (23 प्रतिशत) और पश्चिमी प्रशांत (18 प्रतिशत) के डब्ल्यूएचओ क्षेत्रों में थे, जबकि पूर्वी भूमध्य सागर क्षेत्र में यह आंकड़ा (8.1 प्रतिशत), अमेरिका (3.1 प्रतिशत) और यूरोप (2.2 प्रतिशत) था। रिपोर्ट के अनुसार, टीबी से संबंधित मौतों की कुल संख्या (एचआईवी वाले लोगों सहित) 2022 में 13 लाख थी, जो 2021 के आंकड़े 14 लाख से कम है। लेकिन कोविड-19 के कारण पैदा हुई बाधा के परिणामस्वरूप 2020-2022 की अवधि में लगभग पांच लाख अतिरिक्त मौतें हुईं। एचआईवी के साथ जीवन गुजार रहे लोगों के लिए यह अब भी एक घातक बीमारी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बहु औषधि-प्रतिरोधी टीबी (एमडीआर-टीबी) एक सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बना हुआ है। (Bhasha Input)

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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