Rajastha Assembly Election 2023 : राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। राज्य के प्रमुख दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस चुनाव के लिए अपनी रणनीति एवं अभियान पर आगे बढ़ रहे हैं। चुनावी रणनीति एवं अभियान का सबसे अहम पहलू टिकट का बंटवारा है। गहलोत सरकार दोबारा सत्ता में आने के लिए टिकट बंटवारे के नए फॉर्मूले पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। कुछ दिनों पहले कांग्रेस ने साफ किया कि टिकट पाने की एक मात्र योग्यता जीताऊ उम्मीदवार होंगे। पार्टी उन्हीं नेताओं को टिकट देगी जो चुनाव में जीत दिला सकते हैं, टिकट पाने के लिए उम्र कोई आधार नहीं होगा।
कांग्रेस ने कराया सर्वे, फीडबैक लिया
अब रिपोर्टों मे सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कांग्रेस ने चुनाव को लेकर सर्वे कराया और फीडबैक लिया है। इसके बाद चर्चा है कि पार्टी 10 मंत्रियों और करीब 50 विधायकों का टिकट काट सकती है। इसके अलावा जीत सुनिश्चित करने के लिए राज्य में तीन पार्टियों से गठबंधन करने की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि सीएम अशोक गहलोत ने पुलिस की गुप्तचर शाखा से अपने विधायकों एवं विधानसभा क्षेत्र से रिपोर्ट कार्ड तैयार कराया है। इस रिपोर्ट के आधार पर गहलोत करीब 50 विधायकों का टिकट काटने का मन बना चुके हैं।
इन दलों से हो सकता है सीट समझौता
रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चुनाव में भाजपा का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस राज्य में हनुमान बेनीवाल की पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, जयंत चोधरी के राष्ट्रीय लोकदल और भारतीय ट्राइबल पार्टी के साथ सीटों पर समझौता कर सकती है। कुल मिलाकर कांग्रेस इस चुनाव में अपने सभी कील-कांटों को दुरुस्त कर रही है। पार्टी नहीं चाहती कि किसी भी वजह से चुनाव में उसे किसी तरह का नुकसान उठाना पड़े। राजस्थान में विधानसभा की 200 सीटें हैं। इसमें कांग्रेस के 102 विधायक हैं।
क्या कहता है ताजा ओपिनियन पोल
राजस्थान चुनाव को लेकर अभी तक जो सर्वे एवं ओपिनियन पोल आए हैं, उनमें ज्यादातर में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर होने की बात कही गई है। हालांकि आईएएनएस-पोलस्ट्रैट ओपिनियन पोल के ताजा सर्वे में गहलोत सरकार की वापसी के संकेत दिए गए हैं। इस ओपिनियन पोल के मुताबिक कांग्रेस को इस चुनाव में 97 से 105 सीटें मिल सकती हैं और राजस्थान में पार्टी अपनी सत्ता बरकरार रख सकती है। चुनाव में भाजपा को 89-97 सीटें मिलने का अनुमान है। चुनाव में कांग्रेस को 41 प्रतिशत वोट और भाजपा को 40 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं।
