राहुल गांधी की राजनीति भी अलग अंदाज में नजर आ रही है, इसकी बानगी है, राहुल गांधी का किया गया एक ट्वीट जो उन्होंने जब पोस्ट किया तो लोग उसका मीनिंग नहीं समझ पाए और हैरान रह गए, वहीं बीच में लिखा नाम आसानी से समझ आ रहा था वो था अडानी, वहीं साथ ही कई और नेताओं के नाम लिखे थे।
राहुल गांधी ने पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं के नाम को लेकर एक ट्वीट किया है राहुल गांधी के इस ट्वीट में पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के नाम को इस तरह से लिखा गया है जिससे यह अडानी बन रहा है।
गौर हो कि कांग्रेस का साथ छोड़कर में BJP शामिल होने वाले नेताओं की लिस्ट लंबी है, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा जो कभी कांग्रेसी थे मगर बीजेपी जॉइन की और अब सीएम हैं वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इसमें शामिल हैं और ताजा नाम तो कांग्रेस शासनकाल में रक्षा मंत्री रहे एके एंटनी के पुत्र अनिल एंटनी (Anil Antony) का जिन्होंने बीजेपी ज्वाइन कर ली है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने राहुल गांधी पर उनके ट्वीट को लेकर निशाना साधा है ,गौर हो कि अनिल दो दिन पहले ही बीजेपी में शामिल हुए हैं।
अनिल एंटनी ने कहा कि 'राष्ट्र निर्माण के काम में दशकों तक योगदान देने वाले इन बड़े दिग्गजों के साथ अपना नया नाम देखकर बहुत खुशी हुई और उन्हें पार्टी छोड़नी पड़ी क्योंकि वे भारत और हमारे लोगों के लिए काम करना पसंद करते थे न कि एक परिवार के लिए।'
अनिल एंटनी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल
गौर हो कि अनिल एंटनी 6 अप्रैल को कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए है, बीजेपी ज्वाइन करने के बाद अनिल एंटनी ने कहा था कि कांग्रेस ने अब 'दो-तीन व्यक्तियों के हितों को प्राथमिकता देना' शुरू कर दिया है। एंटनी ने कहा था कि यह मेरे जीवन का एक बहुत ही निर्णायक फैसला रहा है। कुछ महीने पहले मैंने कांग्रेस छोड़ दी क्योंकि विचारों में अंतर था।
अनिल एंटनी को अपने परिवार से कड़ा विरोध
वहीं बीजेपी में शामिल हुए अनिल एंटनी को अपने परिवार से कड़ा विरोध देखने को मिल रहा है। पिता एके एंटनी साफ कर चुके हैं कि उनके बेटे का फैसला गलत है, अब अनिल एंटनी के भाई अजीत ने भी अनिल को चेताया है। अजीत ने कहा कि है बीजेपी, उनका इस्तेमाल करने के बाद फेंक देगी। अनिल एंटनी के छोटे भाई अजीत एंटनी ने कहा कि उनके भाई भाजपा द्वारा इस्तेमाल किए जाने के बाद 'करी पत्ते' की तरह फेंक दिया जाएगा। इस कदम को 'आवेगपूर्ण' बताते हुए, अजित ने यह भी कहा कि उनका मानना है कि उनके भाई अपनी गलतियों को सुधारने के बाद कांग्रेस पार्टी में वापस आएंगे। शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए, अजित एंटनी ने कहा कि उनके भाई के अपने कारण हो सकते हैं और उन्होंने महसूस किया कि भाजपा में शामिल होना उनके राजनीतिक भविष्य के लिए अच्छा था।
