कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने दिल्ली (Delhi) में मेट्रो के 18 स्टेशनों के बंद करने पर सरकार पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार सिर्फ पेपर लीक नहीं रोक पा रही है। सरकार मेट्रो रोक रही है, खाना रोक रही है, इंटरनेट रोक नहीं है, लेकिन उससे पेपर लीक नहीं रूक रहा है। दरअसल जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन चल रहा है। 20 जुलाई के संसद मार्च के दिन से सरकार मेट्रो स्टेशनों को लगातार बंद रही है। धीरे-धीरे बंद मेट्रो स्टेशनों की संख्या 18 पहुंच गई है।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "मेट्रो बंद करो। रास्ते बंद करो। दुकानें बंद करो। Internet बंद करो। खाना बंद करो। अपना हक मांग रहे छात्रों के खिलाफ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए। बस एक चीज बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।"
मेट्रो स्टेशन बंद होने से यात्रियों में आक्रोश
बार-बार मेट्रो स्टेशन बंद करने और यातायात नियंत्रित करने के प्रशासन के फैसले पर यात्रियों ने नाराजगी जताई है। लोगों ने सोशल मीडिया पर सवाल किया कि आखिर हर दिन सफर करने वाले हजारों लोगों को क्यों परेशानी उठानी पड़ रही है। कई लोगों ने कहा कि इससे दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और यात्रियों को परेशानी होगी। वहीं कुछ लोगों ने आशंका जताई कि ऐप के जरिये मिलने वाली टैक्सियों का किराया बढ़ सकता है। कई लोगों ने सवाल किया कि दफ्तर, स्कूल और अस्पताल जाने वाले लोगों को क्यों परेशान किया जा रहा है। उनका कहना था कि इन पाबंदियों से प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर जाने से नहीं रुकेंगे। कुछ लोगों ने बार-बार मेट्रो स्टेशन बंद करने का कारण भी पूछा। डीएमआरसी को टैग करते हुए एक उपयोगकर्ता ने लिखा, "क्या आप डीएमआरसी अपने पैसे से चला रहे हैं या जनता के टैक्स के पैसे से? कृपया स्टेशन बंद करने का सही कारण बताइए।"
20 जून से जारी है आंदोलन
कॉजपा 20 जून से मध्य दिल्ली में प्रदर्शन कर रही है और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। जहां छात्रों की भारी भीड़ उमड़ रही है। हिंसक घटनाएं भी हुईं हैं, जिसके लिए सरकार की जमकर आलोचना हो रही है।
