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चुनाव जीतने के बाद आज रायबरेली में गांधी परिवार, राहुल-प्रियंका और सोनिया जनता को देंगी धन्यवाद

Congress Dhanyawad Yatra: कांग्रेस ने संसदीय चुनाव में इंडिया गठबंधन के उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिए मतदाताओं का आभार जताने का फैसला किया है। इसके तहत 11 से 15 जून तक सभी 80 लोकसभा सीटों पर आभार जनसभा आयोजित करने और यात्रा निकालने का फैसला किया गया है।

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Photo : Twitter

Congress Dhanyawad Yatra: लोकसभा चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस आज से उत्तर प्रदेश में धन्यवाद यात्रा शुरू करने जा रही है। यह यात्रा 15 जून तक चलेगी। इस क्रम में राहुल गांधी समेत पूरा गांधी परिवार मंगलवार को रायबरेली में होगा। जानकारी के मुताबिक, रायबरेली से सांसद चुने जाने के बाद राहुल गांधी जनता का आभार जताएंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और अमेठी के सांसद केएल शर्मा भी मौजूद रहेंगे।

2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की यह पहली जनसभा होगी। बता दें, पहले यह धन्यवाद समारोह अमेठी में होने वाला था। हालांकि, बाद में इसके स्थान में बदलाव किया गया। अब यह कार्यक्रम अमेठी के तिलोई विधानसभा क्षेत्र के हिमाचल का पुरवा की जगह रायबरेली के भुएमऊ गेस्ट हाउस में होगा। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अमेठी प्रदीप सिंघल ने बताया कि मंगलवार 11 जून को अमेठी में फुरसतगंज के नजदीक हिमाचल का पुरवा में अपराह्न तीन बजे 'धन्यवाद समारोह' आयोजित होना था मगर भीषण गर्मी को देखते हुए इसके स्थान में बदलाव किया गया है। अब यह समारोह रायबरेली के भुएमऊ गेस्ट हाउस में आयोजित होगा।

सभी 80 लोकसभा सीटों पर होगी आभार जनसभा

कांग्रेस ने संसदीय चुनाव में इंडिया गठबंधन के उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिए मतदाताओं का आभार जताने का फैसला किया है। इसके तहत 11 से 15 जून तक सभी 80 लोकसभा सीटों पर आभार जनसभा आयोजित करने और यात्रा निकालने का फैसला किया गया है। बता दें, उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से इंडिया ब्लॉक ने 43 सीटें जीतीं, जिसमें कांग्रेस को छह और समाजवादी पार्टी को 37 सीटें शामिल हैं।

रायबरेली के साथ अमेठी सीट भी कांग्रेस ने जीती

राहुल गांधी ने रायबरेली लोकसभा सीट पर उत्तर प्रदेश के मंत्री और भाजपा उम्मीदवार दिनेश प्रताप सिंह को 3,90,030 मतों के अंतर से हराया। वहीं, किशोरी लाल शर्मा ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से अमेठी सीट छीनकर उन्हें 1,67,196 मतों से हराया। नेहरू-गांधी परिवार का गढ़ माने जाने वाला अमेठी 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के साथ चला गया था जब स्मृति ईरानी ने वहां राहुल गांधी को करीब 55,000 मतों के अंतर से हरा दिया था।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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