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हरियाणा-महाराष्ट्र में बीफ खाने के शक में हुई मॉब लिंचिंग पर राहुल गांधी का पोस्ट, भाजपा पर बोला करारा हमला

Rahul Gandhi News: महाराष्ट्र और हरियाणा की घटनाओं पर राहुल गांधी ने बीजेपी को घेरा है। उन्होंने कहा, भीड़ की शक्ल में छिपे हुए नफरती तत्व कानून के राज को चुनौती देते हुए खुलेआम हिंसा फैला रहे हैं। भाजपा सरकार से इन उपद्रवियों को खुली छूट मिली हुई है, इसीलिए उनमें ऐसा कर पाने का साहस पैदा हो गया है।

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राहुल गांधी ने बोला बीजेपी पर हमला

Photo : Twitter

Rahul Gandhi News: हरियाणा के चरखी-दादरी और महाराष्ट्र के धुले में बीफ खाने के शक में हुई मॉल लिंचिंग की घटनाओं पर राहुल गांधी ने हमला बोला है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इन घटनाओं के लिए भारतीय जनता पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, नफरत को राजनीतिक हथियार बनाकर सत्ता की सीढ़ी चढ़ने वाले देश भर में लगातार भय का राज स्थापित कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने आगे कहा, भीड़ की शक्ल में छिपे हुए नफरती तत्व कानून के राज को चुनौती देते हुए खुलेआम हिंसा फैला रहे हैं। भाजपा सरकार से इन उपद्रवियों को खुली छूट मिली हुई है, इसीलिए उनमें ऐसा कर पाने का साहस पैदा हो गया है। अल्पसंख्यकों, खास कर मुसलमानों पर लगातार हमले जारी हैं और सरकारी तंत्र मूक दर्शक बना देख रहा है। ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कर कानून का इकबाल क़ायम किया जाना चाहिए।

भारत जोड़ने की लड़ाई हम जीतेंगे

राहुल गांधी ने कहा, भारत की सांप्रदायिक एकता और भारतवासियों के अधिकारों पर किसी भी तरह का हमला संविधान पर हमला है जो हम बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। भाजपा कितनी भी कोशिश कर ले, नफरत के खिलाफ भारत जोड़ने की इस ऐतिहासिक लड़ाई को हम हर हाल में जीतेंगे।

हरियाणा और महाराष्ट्र में हुई थी मॉल लिंचिंग

बता दें, हरियाणा के चरखी-दादरी में पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूर साबिर मलिक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। उस पर बीच खाने का आरोप था। पुलिस ने बताया, आरोपियों ने उसे कबाड़ बेचने के बहाने बुलाया और उसे पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस ने इस मामले में गौरक्षक समूह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, दो नाबालिग भी पकड़े गए हैं। वहीं, महाराष्ट्र के धुले में ट्रेन में बीफ ले जाने के शक में लोगों ने एक बुजुर्ग की पिटाई कर दी। इस घटना का वीडियो भी सामने आया था।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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