Putin India Visit: रूसी राष्ट्रपति पुतिन दो दिवसीय दौरे पर भारत आए हैं। आज भारत में उनका दूसरा दिन है। पीएम नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। वहीं, उसके बाद दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते भी हुए। भारत और रूस ने बहु-क्षेत्रीय सहयोग को नई मजबूती देते हुए जहाज निर्माण (युद्धपोत) से लेकर यूरिया उत्पादन तक कई अहम क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाया है।
पीएम मोदी ने कहा कि करीब 25 साल पहले रखी गई इस रणनीतिक पार्टनरशिप की नींव अब व्यापक होते सहयोग में दिखाई दे रही है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ संबंधों में सुधार को सकारात्मक कदम बताया और अपनी यात्रा पर संतोष जताया।
पीएम मोदी ने कहा, "पंद्रह साल पहले 2010 में हमारी साझेदारी को विशेष विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। पिछले ढाई दशकों से, उन्होंने (राष्ट्रपति पुतिन) अपने नेतृत्व और दूरदर्शिता से इस रिश्ते को पोषित किया है। हर परिस्थिति में उनके नेतृत्व ने हमारे संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। मैं अपने मित्र, राष्ट्रपति पुतिन के प्रति इस गहरी मित्रता और भारत के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।"
परमाणु ऊर्जा को विस्तार देंगे दोनों देश
दोनों देशों ने परमाणु ऊर्जा सहयोग को विस्तार देने पर सहमति जताई है। साथ ही 2023 तक आर्थिक समझौते को गहराई देने की रूपरेखा पर भी बातचीत आगे बढ़ी। शिपिंग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में दो अहम एमओयू साइन किए गए। इसके अलावा कैमिकल और फर्टिलाइज़र सेक्टर में नए करार हुए, जबकि हेल्थकेयर क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।'भारत तटस्थ नहीं है, बल्कि शांति के पक्ष में'
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के नवीनतम प्रयासों का शुक्रवार को पुरजोर समर्थन किया और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यह संदेश दिया कि भारत इस संघर्ष का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए सभी शांति प्रयासों में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा। यूक्रेन मुद्दा दोनों नेताओं के वार्षिक शिखर वार्ता में केंद्रीय रूप से उभरा है। इस शिखर वार्ता का उद्देश्य लगभग आठ दशक से जारी द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत बनाना है, जो जटिल भू-राजनीतिक माहौल और तनावों के बावजूद स्थिर बनी रही है।
मोदी ने शिखर वार्ता के दौरान अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि भारत यूक्रेन संघर्ष को लेकर तटस्थ नहीं है, बल्कि इसे करने के लिए शांति का पक्षधर है। मोदी ने कहा, “यूक्रेन संघर्ष के शुरू होने के बाद से हम चर्चा करते रहे हैं। एक करीबी मित्र के रूप में, आप हमें स्थिति के बारे में नियमित रूप से सूचित करते आए हैं। मुझे लगता है कि विश्वास एक बड़ी ताकत है।”
