गुरुवार को पुतिन को राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मान देने के अलावा उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई।
रा जघाट पहुंचने से पहले पुतिन राष्ट्रपति भवन पहुंचे। वहां उनके स्वागत के लिए खुद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी मौजूद थे। पुतिन को सबसे पहले 21 तोपों की सलामी दी गई।
पुतिन जैसे ही कार से उतरे तो राष्ट्रपति के सैन्य सचिव (मिलिट्री सेक्रेट्री) मेजर जनरल वूदेव परिदा ने उनका अभिवादन किया। पुतिन राष्ट्रपति से हाथ मिलाने के लिए मुड़े, लेकिन एक पल के लिए वो रुके और सबसे पहले वूदेव परिदा से गर्मजोशी के साथ हाथ मिला। इसके बाद पुतिन ने राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी से हाथ मिलाया।
वूदेव परिदा राष्ट्रपति मुर्मू के समारोह, यात्रा और निमंत्रण संबंधी मामले के मिलिट्री सेक्रट्री हैं। उन्हें विशिष्ट सेवा मेडल से भी नवाजा जा चुका है। सोशल मीडिया पर लोग पुतिन की इस अंदाज की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन साल 2022 में यूक्रेन के साथ शुरू हुए जंग के बाद पहली बार भारत की यात्रा पर आए।
पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति को भगवद गीता का रूसी अनुवाद भेंट किया। पीएम मोदी ने इस दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा उन्होंने रूसी भाषा में गीता की प्रति प्रदान की। आगे लिखा कि गीता के उपदेश दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरणा देते हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू की मेजबानी में पुतिन के लिए सजाई गई शाही थाली में कश्मीर के मशहूर गुच्ची डून चेटिन (अखरोट चटनी से भरे मोरेल्स) ने विशेष आकर्षण पैदा किया।इसके साथ ही देसी सुगंध से भरपूर अचारी बैंगन और घरों की पारंपरिक पीली दाल तड़का मुख्य व्यंजनों में शामिल रही।