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पंजाब मेल में अचानक मची भगदड़, 20 से ज्यादा यात्री घायल, कुछ की हालत गंभीर

Punjab Mail Stampede: रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब मेल में आग लगने की अफवाह के कारण भगदड़ मच गई। इसमें 20 यात्री घायल हुए हैं, जबकि 7 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

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पंजाब मेल में मची भगदड़।

Punjab Mail Stampede: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से बड़ी खबर सामने आई है। यहां पंजाब मेल एक्सप्रेस ट्रेन में अचानक से भगदड़ मच गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 20 यात्री इसमें घायल हुए हैं जबकि 7 की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि ट्रेन में आग लगने की अफवाह के कारण भगदड़ मची। बताया जा रहा है कि यह घटना बेरली और कटरा स्टेशन के बीच हुई। घायलों को शाहजहांपुर के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 8 बजे पंजाब मेल के जनरल कोच में आल लगने की अफवाह उड़ी। इसके बाद बरेली और मीरानपुर कटरा स्टेशन के बीच चालक ने गाड़ी रोक दी। ट्रेन की आधी बोली नदी के पुल और आधी बाहर थी। जैसे ही ट्रेन रुकी यात्रियों में अफरा-तरफी मच गई और वे ट्रेन से कूदने लगे, जिसमें कुछ लोग घायल भी हुए। बाद में चालक और गार्ड ने बोगी खाली कराकर चेक की तो सबकुछ ठीक निकला।

शाहजहांपुर पहुंचने पर रोकी गई ट्रेन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना की जानकारी आला अधिकारियों को दी गई। इसके बाद जैसे ही ट्रेन 10:10 बजे शाहजहांपुर पहुंची तो ट्रेन को रोका गया। मौके पर अधिकारियों और आरपीएफ जवानों ने पहुंचकर पूरी जांच की और घायलों को अस्पताल भिजवाया। इस दौरान करीब आधे घंटे तक ट्रेन रुकी रही, जिसके बाद उसे रवाना किया गया।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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