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Pune Porsche Case: महाराष्ट्र सरकार ने नाबालिग आरोपी को जमानत देने वाले जेजेबी के दो सदस्यों को किया बर्खास्त, जानें क्या है पूरा मामला

Pune Porsche Car Case: पुणे के दो राज्य नियुक्त सदस्यों को सत्ता के दुरुपयोग के आरोप में बर्खास्त कर दिया है। राज्य महिला एवं बाल विकास आयुक्त ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा जांच करने के बाद, दोनों सदस्यों को किशोर न्याय के तहत निहित शक्तियों का दुरुपयोग करने का दोषी पाया गया था और इसलिए सरकार ने उनकी नियुक्ति समाप्त कर दी थी।

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पुणे पोर्श मामला में जेजेबी के दो सदस्य बर्खास्त

Photo : ANI

Pune Porsche Car Case: महाराष्ट्र सरकार ने किशोर न्याय बोर्ड, पुणे के दो राज्य नियुक्त सदस्यों को सत्ता के दुरुपयोग के आरोप में बर्खास्त कर दिया है। राज्य महिला एवं बाल विकास आयुक्त ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। बता दें, 19 मई को पोर्श कार दुर्घटना में 17 वर्षीय किशोर आरोपी चालक को सड़क सुरक्षा पर 300 शब्दों का निबंध लिखने की शर्त के साथ अन्य विवादास्पद जमानत शर्तों के साथ जमानत दिए जाने पर दोनों सदस्यों को जांच का सामना करना पड़ा था। महिला एवं बाल विकास विभाग ने मंगलवार को दोनों सदस्यों को बर्खास्त करने का उल्लेख करते हुए एक अधिसूचना जारी की।

दो लोगों की इस घटना मेंं चली गई थी जान

अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा जांच करने के बाद, दोनों सदस्यों को किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण अधिनियम, 2015) के तहत निहित शक्तियों का दुरुपयोग करने का दोषी पाया गया था और इसलिए सरकार ने उनकी नियुक्ति समाप्त कर दी थी। विशेष रूप से, 19 मई, 2024 को पुणे में एक दुखद घटना में, कथित रूप से शराब के प्रभाव में 17 वर्षीय लड़के द्वारा चलाई जा रही तेज रफ्तार पोर्श कार ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी जिसमें 24 वर्षीय अनीश अवधिया और उसके दोस्त अश्विनी कोष्टा की मौत हो गई थी। नाबालिग चालक को कथित तौर पर कम उम्र के बावजूद एक रेस्तरां और बार में शराब परोसी गई थी।

26 सितंबर को पुणे पुलिस ने जेजेबी के समक्ष पेश की थी रिपोर्ट

इस घटना ने आरोपी के प्रति दिखाई गई उदारता और राजनीतिक संबंधों के प्रभाव को लेकर व्यापक आक्रोश और विवाद को जन्म दिया। मुख्य आरोपी, एक नाबालिग के खिलाफ मामला किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है। उन पर कथित तौर पर सबूतों से छेड़छाड़ करने और रक्त के नमूने में हेराफेरी करने की साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया था। 26 सितंबर को पुणे पुलिस ने जेजेबी के समक्ष एक पूरक रिपोर्ट पेश की और किशोर आरोपी के खिलाफ सबूत नष्ट करने के आरोप जोड़े। इससे पहले पुलिस ने किशोर आरोपी पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया था।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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