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CJP Protest: प्लेन-ट्रेन, बस से लेकर सड़क तक हिरासत में लिए जा रहे प्रदर्शनकारी, 500 से अधिक डिटेन

शनिवार सुबह प्रदर्शनकारी जैसे ही अपने स्थानों से जंतर-मंतर की तरफ बढ़े पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया। सुबह के समय जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस इलाके से कई प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए। बॉर्डर इलाकों में भी लोगों को हिरासत में लिया गया।

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दिल्ली में सीजेपी प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया।

Photo : ANI

CJP Protest: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यापक बंदोबस्त किए हैं। राजधानी की सीमाओं से लेकर शहर में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस सहित नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में शनिवार सुबह से ही पहरा बढ़ा दिया गया। शनिवार सुबह प्रदर्शनकारी जैसे ही अपने स्थानों से जंतर-मंतर की तरफ बढ़े पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया। सुबह के समय जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस इलाके से कई प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए। बॉर्डर इलाकों में भी लोगों को हिरासत में लिया गया। अलग-अलग जगहों से पुलिस ने अब तक करीब 500 लोगों को हिरासत में लिया है।

प्लेन में ही हिरासत में लिए गए दिपके, दास-रांका

जंतर-मंतर के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सीजेपी के अध्यक्ष अभिजीत दिपके, प्रवक्ता सौरभ दास और आशुषोत रांका मुंबई से हवाई जहाज से दिल्ली के लिए रवाना हुए। विमान जब दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा तो पुलिसकर्मी प्लेन में पहुंच गए और तीनों को हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के नेताओं को विमान से बाहर नहीं निकलने दिया। विमान में पुलिस को देख अभिजीत ने कहा कि वह डरने वाले नहीं, वह गिरफ्तार होने के लिए आए हैं। इसके बाद पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर एयरपोर्ट से निकल गई।

जवानों ने शरीर पर कैमरे लगाए

पिछले प्रदर्शन के दौरान ज्यादती करने के आरोपों का सामना कर रहे दिल्ली पुलिस के कई जवानों ने शरीर पर कैमरे लगा रखे थे। सुरक्षाकर्मियों को लाने वाली बसें थाने के पास सड़क किनारे खड़ी थीं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात दिल्ली पुलिस की ’पिंक फोर्स’ को भी कई जगहों पर तैनात किया गया था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। पुलिसकर्मी लाठियां और सुरक्षा उपकरण लेकर तैनात दिखाई दिए। थाने में लगे लाउडस्पीकरों से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू किए जाने की लगातार घोषणाएं की जा रही थीं। यह थाना सुरक्षाकर्मियों के लिए रिपोर्ट करने और तैनाती से जुड़ी आगे की जानकारी लेने का केंद्र भी बना हुआ है।

महिला सुरक्षाकर्मियों की संख्या भी काफी

अगले सड़क चौराहे पर, एनडीएमसी पालिका केंद्र के सामने सबसे ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात थे। एनडीएमसी भवन के ठीक बाहर और जंतर-मंतर के आसपास अन्य स्थानों पर भी बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। इनमें महिला सुरक्षाकर्मियों की संख्या भी काफी थी। जंतर-मंतर के पास कुछ इमारतों में निजी सुरक्षा कर्मियों को भीड़ को नियंत्रित करने के तरीके बताए गए। राहगीरों से पहचान पत्र दिखाने को कहा जा रहा था, ताकि कार्यालयों में काम करने वालों के अलावा अन्य लोगों, खासकर प्रदर्शनकारियों, की पहचान की जा सके। प्रदर्शनकारियों को वापस जाने के लिए कहा जा रहा था।

CEC पर मतदाता सूची में हेरफेर करने का आरोप

आमतौर पर लागू किए जाने वाले प्रतिबंधों की तुलना में ये पाबंदियां काफी सख्त थीं। ये इंतजाम मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर कॉजपा के प्रदर्शन के मद्देनजर किए गए थे। कुमार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में मतदाता सूची में हेरफेर करने का आरोप है। उन पर अपने दो सहयोगियों को दरकिनार करके मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेज फॉर्म-6 में बदलाव करने का भी आरोप है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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