प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को बहरीन के शाह हमद बिन ईसा अल खलीफा से बात कर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और क्षेत्र में ऊर्जा व असैन्य बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की। प्रधानमंत्री ने बहरीन के शासक से टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और जहाजरानी मार्गों को खुला एवं सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया।
मोदी ने कहा, 'बहरीन के शाह हमद बिन ईसा अल खलीफा के साथ सार्थक चर्चा हुई। मैंने उन्हें और बहरीन के लोगों को ईद-उल-फितर की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।'
मोदी ने ’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'हमने पश्चिम एशियाई क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। हमने क्षेत्र में ऊर्जा व असैन्य बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की और वैश्विक खाद्य, ईंधन और उर्वरक सुरक्षा पर उनके प्रतिकूल प्रभाव को रेखांकित किया।'
प्रधानमंत्री ने बहरीन में भारतीय समुदाय की भलाई को लेकर निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया।अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमले के बाद यह दूसरी बार था, जब मोदी ने बहरीन के शासक से बात की।
इस्लामिक गणराज्य ने भी अपने कई खाड़ी पड़ोसी देशों पर हमला कर जवाबी कार्रवाई की। संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री सऊदी अरब, जॉर्डन, यूएई, फ्रांस, मलेशिया, इजराइल और ईरान सहित कई अन्य विश्व नेताओं से भी बात कर चुके हैं।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ चर्चा की
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे सैन्य तनाव के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ चर्चा की। इससे पहले, पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो सेरी अनवर इब्राहिम और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सईद से बातचीत की।
पीएम मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''मेरे प्रिय मित्र, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर बातचीत हुई। हमने तनाव कम करने की तत्काल जरूरत और संवाद व कूटनीति की ओर वापस लौटने पर जोर दिया। हम क्षेत्र और दुनिया में शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अपने करीबी समन्वय को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।''
