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'छठ बाद बिहार में ही आपके बच्चों के शिक्षा-रोजगार का इंतजाम...' बोले प्रशांत किशोर

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर अपनी 'बिहार बदलाव यात्रा' के तहत लगातार अलग-अलग जिलों और प्रखंडों में लोगों से संवाद कर रहे हैं और स्थानीय पत्रकारों से भी बात कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने बुधवार को पूर्णिया के धमदाहा नगर पंचायत मैदान में आयोजित बिहार बदलाव सभा को संबोधित किया।

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जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (फाइल फोटो: PTI)

प्रशांत किशोर ने भारी बारिश के बीच उन्हें सुनने के लिए जनसभा में उमड़ी भीड़ का धन्यवाद किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बिहार के लोगों ने पीएम मोदी को मंदिर के लिए वोट दिया, और वो बन गया। जाति के नाम पर वोट दिया तो नीतीश कुमार ने जाति गणना करा दी। पीएम मोदी बिहार के लोगों का वोट लेकर और देश भर का पैसा लेकर अपने राज्य गुजरात में फैक्ट्री लगवा रहे हैं। आपने अभी तक अपने बच्चों के लिए वोट नहीं दिया, इसलिए आपके बच्चे मोदी के गुजरात में जाकर उन्हीं फैक्ट्रियों में मजदूरी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज यहां लोगों को जागरूक करने आए हैं, उन्हें अपने बच्चों के भविष्य के लिए वोट करना चाहिए। जनता इस बात से संतुष्ट है कि उसे पांच किलो अनाज, सिलेंडर और बिजली मिल रही है, लेकिन जनता यह नहीं सोचती कि उसके बच्चों को शिक्षा और रोजगार नहीं मिल रहा है। अगर विधानसभा चुनाव के बाद आपके बच्चों को बिहार में अच्छी शिक्षा और रोजगार नहीं मिला तो आकर प्रशांत किशोर की गर्दन पकड़ लेना।

प्रशांत किशोर ने लालू यादव पर तंज कसते हुए कहा कि मैं पिछले 3 सालों से बिहार के गांव-गांव घूम रहा हूं, लेकिन बच्चों के शरीर पर सूती कपड़ा या पैरों में चप्पल नहीं है। इसीलिए आपको अपने बच्चों की चिंता करनी है, कोई नेता आपके बच्चों की चिंता नहीं करेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि बिहार के लोगों को लालू से सीखना चाहिए कि बच्चों की चिंता क्या होती है। उन्होंने कहा कि लालू का बेटा 9वीं पास भी नहीं है, फिर भी वह चाहते हैं कि उनका बेटा राजा बने, और दूसरी तरफ बिहार के लोग जिनके बच्चे मैट्रिक, बीए, एमए कर चुके हैं, फिर भी उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है।

उन्होंने जनता से वादा करते हुए कहा कि दिसंबर 2025 से 60 साल से अधिक उम्र के हर पुरुष और महिला को 2000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस साल छठ के बाद पूर्णिया या धमदाहा के युवाओं को 10-12 हजार रुपए की मजदूरी करने के लिए अपना घर-परिवार छोड़कर नहीं जाना पड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि जब तक सरकारी विद्यालयों में सुधार नहीं हो जाएगा, तब तक आप अपने 15 साल से कम उम्र के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाएं और उनकी फीस सरकार भरेगी, ताकि गरीब का बच्चा भी अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढ़ सके।

उन्होंने जनता से अपील की कि उन्हें और उनके बच्चों को लूटने वाले नेताओं को वोट न दें। अगली बार अपने बच्चों के लिए वोट दें और बिहार में जनता का राज स्थापित करें। बिहार में व्यवस्था परिवर्तन कर जनता का राज स्थापित करने के लिए नेताओं का चेहरा देखकर वोट न करें। अगली बार अपने बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए वोट करें।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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