Rahul Gandhi: रायबरेली से मनरेगा पर सियासी मोर्चेबंदी, राहुल गांधी का ग्रामीण अभियान तेज
- Authored by: रंजीता झा
- Updated Jan 19, 2026, 06:00 PM IST
कांग्रेस का आरोप है कि नया क़ानून मनरेगा की 100 दिन की रोज़गार गारंटी को कमजोर करता है और पंचायतों व मज़दूरों के अधिकार सीमित करता है। राहुल गांधी ऊंचाहार में मनरेगा चौपाल के ज़रिये ग्रामीण मज़दूरों से सीधा संवाद करेंगे।
राहुल गांधी जाएंगे रायबरेली
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 20 जनवरी 2026 से रायबरेली के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। माना जा रहा है कि यह दौरा केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के स्थान पर लाए जा रहे विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G Act के विरोध में कांग्रेस की देशव्यापी रणनीति का अहम हिस्सा है। पार्टी इसे “मनरेगा बचाओ अभियान” के रूप में आगे बढ़ा रही है।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब एक दिन पहले ही राहुल गांधी केरल के कोच्चि में पार्टी कार्यकर्ताओं की मेगापंचायत को संबोधित कर चुके हैं। कांग्रेस नेतृत्व इसे उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ग्रामीण मज़दूरों और पंचायत स्तर पर संगठन को मज़बूत करने की कवायद के तौर पर देख रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि नया प्रस्तावित क़ानून मनरेगा के तहत मिलने वाली 100 दिन की कानूनी रोज़गार गारंटी को कमजोर करता है। पार्टी का दावा है कि इस नए ढांचे में पंचायतों की भूमिका घटाई जा रही है, मज़दूरों के अधिकारों को सीमित किया जा रहा है और काम के अधिकार को बाध्यकारी की जगह विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है। राहुल गांधी रायबरेली में मनरेगा चौपाल के ज़रिये इसी मुद्दे को ज़मीन पर उठाने की तैयारी में हैं।
अमेठी से कांग्रेस सांसद केएल शर्मा के मुताबिक, ऊंचाहार क्षेत्र में मनरेगा चौपाल का आयोजन ग्राम प्रधानों और ग्रामीण प्रतिनिधियों की मांग पर किया गया है। उनका कहना है कि राहुल गांधी लगातार अपने संसदीय क्षेत्र में आकर स्थानीय मुद्दों को समझने और लोगों से सीधा संवाद कायम करने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस ने 10 जनवरी से 45 दिवसीय ‘मनरेगा सुरक्षा संघर्ष’ अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश के ज़िलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस, फरवरी के पहले पखवाड़े में राज्यव्यापी प्रदर्शन और महीने के अंत तक बड़े जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के तहत राहुल गांधी 20 जनवरी को लखनऊ से रायबरेली पहुंचेंगे और भुयेमऊ गेस्ट हाउस में ठहरेंगे। इसके बाद वे ऊंचाहार के रोहनिया ब्लॉक में मनरेगा चौपाल में हिस्सा लेकर ग्राम पंचायत कर्मियों और दिहाड़ी मज़दूरों से बातचीत करेंगे। इससे पहले वे आईटीआई कॉलोनी स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में आयोजित रायबरेली प्रीमियर लीग (RPL) टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन करेंगे, जिसे यूथ स्पोर्ट्स एकेडमी आयोजित कर रही है। चर्चा है कि राहुल गांधी खुद भी मैदान पर उतर सकते हैं।
ऊंचाहार क्षेत्र को राजनीतिक रूप से बीजेपी का प्रभावशाली इलाका माना जाता है। यहां से विधायक रहे मनोज कुमार पांडे, जो पहले समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के करीबी थे, को जून 2025 में राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग के आरोप में पार्टी से बाहर कर दिया गया था। कांग्रेस इसे मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का अहम संकेत मान रही है। 2024 में रायबरेली से सांसद बनने के बाद राहुल गांधी लगातार हर दूसरे महीने क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। सितंबर 2025 में वे दो दिवसीय प्रवास पर भी आए थे, जिसमें दिशा बैठकों समेत कई प्रशासनिक और जनसंपर्क कार्यक्रम शामिल थे।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने राष्ट्रीय नेतृत्व की रणनीति के अनुरूप गांव-गांव संपर्क, पर्चा वितरण और मनरेगा के तहत ₹400 न्यूनतम मज़दूरी की मांग को लेकर 100 दिवसीय अभियान शुरू किया है। रायबरेली में होने वाली यह मनरेगा चौपाल कांग्रेस की उसी व्यापक राजनीतिक तैयारी का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके ज़रिये पार्टी ग्रामीण भारत में अपनी पकड़ दोबारा मज़बूत करना चाहती है।
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