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'अमित शाह के इशारे पर पुलिस राहुल गांधी के घर घुसी...' अशोक गहलोत ने बोला तीखा हमला

  • Written by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 19, 2023, 02:43 PM IST

अशोक गहलोत ने कहा है कि जब राहुल गांधी ने कहा है कि उन्हें नोटिस मिला है और वह उसका जवाब देंगे, तब भी पुलिस एक राष्ट्रीय नेता के घर में क्यों घुसी।

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अशोक गहलोत (फाइल फोटो)

Photo : PTI

Rahul Gandhi: भारत जोड़ो यात्रा मामले में रविवार को दिल्ली पुलिस कांग्रेस नेता राहुल गांधी के घर पहुंची। पुलिस ने राहुल गांधी को नोटिस दिया और उनसे मुलाकात भी की। यात्रा के करीब 45 दिन बाद दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का कहना है कि बिना भाजपा के इशारे यह संभव नहीं है।

कांग्रेस नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसको लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, अमित शाह या गृह मंत्रालय के इशारे के बिना यह संभव नहीं है। बिना ऊपर के इशारे के पुलिस इतना साहस नहीं कर सकती है।

यह घटना इंदिरा गांधी के जमाने की याद दिलाती है

अशोक गहलोत ने कहा, इस घटना ने इंदिरा गांधी के जमाने की याद दिला दी। उनके समय में भी ऐसा हुआ था, लेकिन उसके बाद उन्हें मुंहकी खानी पड़ी थी। जब राहुल गांधी ने कह दिया कि नोटिस उन्हें मिल गया है और वह उसका जवाब देंगे, तब भी दिल्ली पुलिस का कांग्रेस के एक राष्ट्रीय नेता के घर में घुसना गलत है। उन्होंने कहा, पूरा देश इसे देख रहा है, इनको माफ नहीं करेगा।

पुलिस ने क्यों भेजा नोटिस

दरअसल, दिल्ली पुलिस ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी के बयान पर वीडियो जारी किया है। राहुल गांधी ने यात्रा के दौरान कहा था कि उन्होंने यात्रा के दौरान यौन शोषण का शिकार हुई लड़की से बात की थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को नोथ्स भेजा है। स्पेशल सीपी सागरप्रीत हुड्डा ने बताया कि राहुल गांधी की यात्रा दिल्ली से भी गुजरी थी, वो खुद यात्रा में उनके साथ थे, लिहाजा वो चाहते हैं कि अगर कोई पीड़ित है तो उसके बारे में पूरी जानकारी मिल सके। मामला दिल्ली को है तो हम कानूनी तौर पर उसे आगे बढ़ाएंगे। अशोक गहलोत के अलावा कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी भाजपा से कड़े सवाल किए हैं।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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