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PoJK में चुनावों के दौरान खूनी खेल! सुरक्षा बलों की गोलीबारी में कई मौतें, ब्रिटिश सांसद और HRCP ने जताई चिंता

PoJK Violence: पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर (PoJK) में विधानसभा चुनाव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में कई लोगों की मौत और घायल होने की खबर है। इस हिंसा पर पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (HRCP), एम्नेस्टी इंटरनेशनल और ब्रिटिश सांसद नाज शाह ने गहरी चिंता जताते हुए मामले की निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच की मांग की है।

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HRCP ने रावलाकोट हिंसा पर जताई गहरी चिंता

Photo : ANI

PoJK Violence: पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर (PoJK) में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान फैली हिंसा ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। रावलाकोट और मीरपुर समेत कई इलाकों में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई खूनी झड़पों में कई लोगों की जान चली गई है, जबकि दर्जनों घायल बताए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों द्वारा सीधी गोलीबारी और अत्यधिक बल प्रयोग की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक नेताओं ने पाकिस्तान सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक बयान में रावलाकोट हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की है। HRCP ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी के नाम पर लोगों के जीने के अधिकार और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की आजादी को नहीं छीना जा सकता। आयोग ने चेतावनी देते हुए कहा कि हिंसा का यह दौर तुरंत खत्म होना चाहिए और मौतों की एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और त्वरित जांच कराई जानी चाहिए। आयोग ने आगामी चरणों के चुनावों को देखते हुए प्रशासन से संयम बरतने की अपील की है।

ब्रिटिश लेबर पार्टी की सांसद ने की निंदा

वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रिटेन की ब्रिटिश लेबर पार्टी की सांसद नाज शाह ने मीरपुर और अन्य हिस्सों में आम नागरिकों की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी को बर्बर करार देते हुए कहा कि निर्दोष लोगों के कत्लेआम पर चुप रहना मानवता के खिलाफ है। उन्होंने इस मुद्दे को पाकिस्तान सरकार और PoJK प्रशासन के समक्ष उठाने की बात कही है।

एम्नेस्टी इंटरनेशनल ने भी की आलोचना

इसके साथ ही एम्नेस्टी इंटरनेशनल ने भी पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। एम्नेस्टी की कार्यवाहक क्षेत्रीय निदेशक इसाबेल लासी ने कहा कि PoJK में प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई का पुराना इतिहास रहा है। उन्होंने मांग की है कि क्षेत्र में इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर लगी पाबंदी को तुरंत हटाया जाए, ताकि सही स्थिति की जानकारी सामने आ सके। संगठन ने जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर लगे प्रतिबंध को हटाने और नागरिकों को निशाना न बनाने की ताकीद की है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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