PM Modi Donald Trump Meeting G7: फ्रांस में अगले हफ्ते आयोजित होने जा रहे हाई-स्टेक्स G7 शिखर सम्मेलन के मंच से एक बड़ी कूटनीतिक खबर आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक कर सकते हैं।यदि दोनों नेताओं के बीच यह बैठक तय कार्यक्रम के अनुसार होती है, तो यह उनके बीच लगभग डेढ़ साल बाद होने वाली पहली आमने-सामने की बातचीत होगी। इससे पहले पीएम मोदी ने फरवरी 2025 में अमेरिका का दौरा किया था, जहां उनकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात हुई थी। हाल के महीनों में दोनों नेताओं ने फोन पर कई बार बातचीत की है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद यह उनकी एक और बड़ी व सीधी मुलाकात होगी।
हालांकि, विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में यह तो कहा गया है कि पीएम मोदी सम्मेलन के इतर कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे, लेकिन मंत्रालय ने अभी तक किसी विशेष नेता के नाम का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है।
भारत-अमेरिका संबंध: मतभेदों और कूटनीतिक तल्खी का दौर
फरवरी 2025 में पीएम मोदी की वाशिंगटन यात्रा के बाद से भारत और अमेरिका के संबंधों में कूटनीतिक सहयोग के साथ-साथ कई मोर्चों पर तनाव और तल्खी भी देखने को मिली है।
व्यापार और टैरिफ विवाद (50% टैक्स का झटका): दोनों देशों के बीच इस समय सबसे बड़ा गतिरोध व्यापार को लेकर है। राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले भारतीय सामानों पर नए टैरिफ (शुल्क) लगाए और बाद में उन्हें बढ़ाकर 50 फीसदी तक कर दिया। अमेरिका का यह कड़ा रुख भारत द्वारा रूस से लगातार किए जा रहे कच्चे तेल के आयात को लेकर है, जो दोनों देशों के बीच ऊर्जा और भू-राजनीतिक मोर्चों पर गहरे मतभेदों को दर्शाता है।
भारत-पाकिस्तान विवाद पर ट्रंप का दावा: पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुए एक सैन्य/कूटनीतिक तनाव के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने बार-बार यह दावा करके विवाद खड़ा कर दिया था कि उनके प्रशासन ने दोनों पड़ोसियों के बीच एक संभावित परमाणु युद्ध को टलवाया था।
'चीन के हाथों भारत को खोने' का बयान: पीएम मोदी की बीजिंग यात्रा के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने एक और हैरान करने वाला बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि ऐसा लगता है कि अमेरिका ने भारत को चीन के हाथों खो दिया है।
मतभेदों के बावजूद पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते
इन तमाम असहमतियों और कड़े बयानों के बावजूद, नई दिल्ली और वाशिंगटन ने अपने बातचीत के रास्ते कभी बंद नहीं किए। दोनों देशों के बीच लगातार उच्च स्तरीय संवाद जारी है:
मार्को रुबियो का भारत दौरा: पिछले महीने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत का दौरा किया था, जिसे दोनों देशों के बीच संबंधों को स्थिर करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना गया। इस दौरान रक्षा सहयोग, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, कनेक्टिविटी, शिक्षा और उभरती तकनीकों (AI & Tech) पर विस्तृत चर्चा हुई थी।
व्यापार समझौते पर बातचीत: आर्थिक मोर्चे पर दोनों देश एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इसी महीने की शुरुआत में एक उच्च स्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने भारत का दौरा किया था, जिसमें नॉन-टैरिफ बाधाओं, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने पर सकारात्मक बातचीत हुई।
व्यस्त रहेगा पीएम मोदी का 'मिशन यूरोप'
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 18 जून तक फ्रांस और स्लोवाकिया के बहुस्तरीय दौरे पर रहेंगे। वह 13-14 जून को फ्रांस के नीस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' की समीक्षा करेंगे। इसके बाद 14-16 जून तक वे स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर वहां की पहली ऐतिहासिक यात्रा करेंगे।
इसके तुरंत बाद, 16-17 जून को पीएम मोदी फ्रांस के एवियन (Evian) पहुंचेंगे, जहां वे G7 शिखर सम्मेलन के मुख्य सत्रों में हिस्सा लेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी एवियन शहर में ही पूरी दुनिया को भारत और अमेरिका के बीच की यह सबसे चर्चित महा-मुलाकात देखने को मिल सकती है।
