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16, 17, 18 अप्रैल....भारत एक बड़ा फैसला लेने जा रहा, संसद नया इतिहास रचेगी; नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में PM मोदी का बड़ा बयान

Nari Shakti Vandan Sammelan Key Highlights: पीएम मोदी ने कहा कि भारत सबसे बड़े फैसलों में से एक अहम निर्णय लेने जा रहा है। हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है।

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16, 17, 18 अप्रैल....भारत एक बड़ा फैसला लेने जा रहा, संसद नया इतिहास रचेगी; नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में PM मोदी का बड़ा बयान

PM Modi on Women Power: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार सुबह नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पहुंचें, जहां उन्होंने महिला सश्क्तिकरण पर अपने विचार रखे। नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार भी हमारे बीच मौजूद हैं। देश के विकास के सफर में भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक लेने जा रहा है। संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। 16 अप्रैल से महिला आरक्षण पर चर्चा होगी। संसद की गरिमा और नई ऊंचाइयों को छुएगी।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत सबसे बड़े फैसलों में से एक अहम निर्णय लेने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'यह फैसला नारी शक्ति को समर्पित है। यह नारी शक्ति के सम्मान को समर्पित है। हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। एक ऐसा नया इतिहास जो अतीत की अवधारणाओं को साकार करेगा। एक ऐसा इतिहास जो भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा। एक ऐसे भारत का संकल्प जो समतावादी हो, जहां सामाजिक न्याय सिर्फ एक नारा न हो, बल्कि हमारी कार्य-संस्कृति और हमारी फैसला लेने की प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा हो। दशकों के इंतजार को खत्म करने का समय आ गया है—राज्य विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक; यह तारीख है 16, 17 और 18 अप्रैल।'

'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में मोदी ने कहा, '2023 में, संसद की नई इमारत में, हमने महिला सशक्तिकरण अधिनियम पेश किया। ताकि इसे समय पर लागू किया जा सके, संसद के बजट सत्र की एक विशेष बैठक 16 अप्रैल से होने जा रही है। 'नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम' के माध्यम से, हमें देश की लाखों माताओं और बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है। मैं आपको उपदेश देने नहीं आया हूं, और न ही मैं आपको जगाने आया हूं। मैं आज आपके देश की लाखों माताओं और बहनों का आशीर्वाद लेने आया हूं।'

नए युग के आगमन पर महिलाओं को बधाई- मोदी

मोदी कहते हैं, 'मैं एक नए युग के आगमन पर भारत की सभी महिलाओं को बधाई भी देता हूं। दशकों से, हर किसी ने लोकतांत्रिक ढांचे में महिलाओं के लिए आरक्षण की आवश्यकता महसूस की है। इस पर चर्चाएं भी हुईं। इस चर्चा को हुए लगभग चार दशक बीत चुके हैं। इसमें सभी दलों और कई पीढ़ियों के प्रयास शामिल हैं। हर दल ने अपने-अपने तरीके से इस विचार को आगे बढ़ाया है। जब 2023 में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पेश किया गया, तो सभी दलों ने इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया।'

2029 को ध्यान में रखा- मोदी

पीएम ने कहा, 'इस बात की भी सर्वसम्मत मांग थी कि इसे (महिला सशक्तिकरण अधिनियम) किसी भी कीमत पर 2029 तक लागू किया जाए... हम 2029 की समय सीमा को ध्यान में रख रहे हैं; इस पर संसद में 16 अप्रैल से विस्तृत चर्चा होने जा रही है। हमारा यह प्रयास और हमारी यह इच्छा है कि इस बार भी यह कार्य आपसी सहयोग और भागीदारी के साथ संपन्न हो... सभी के सामूहिक प्रयासों से पूरे सदन की गरिमा नई ऊंचाइयों को छुएगी। देश की हर महिला भी इस बात से प्रसन्न होगी कि हर दल ने राजनीति से ऊपर उठकर उनके हित में इस महत्वपूर्ण कार्य को अपने हाथ में लिया है।'

Nitin Arora
नितिन अरोड़ा author

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें

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