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भारत और जर्मनी में हुए कई अहम समझौते, पीएम मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद कहीं ये बड़ी बातें

India-Germany News: मोदी ने कहा कि हमारा द्विपक्षीय व्यापार अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है, जो 50 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। 2,000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां लंबे समय से भारत में मौजूद हैं। यह भारत में उनके अटूट भरोसे और यहां मौजूद अपार अवसरों को दिखाता है।

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भारत और जर्मनी में हुए कई अहम समझौते (ANI)

PM Modi address in Ahmedabad: भारत-जर्मनी संबंधों की ग्लोबल अहमियत पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग पूरी इंसानियत के लिए जरूरी है। उन्होंने अहमदाबाद में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ एक जॉइंट प्रेस मीट में यह बात कही। PM मोदी ने कहा, 'भारत और जर्मनी के बीच सहयोग पूरी इंसानियत के लिए जरूरी है।' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पार्टनरशिप सिर्फ आपसी हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्लोबल स्थिरता, सस्टेनेबिलिटी और टेक्नोलॉजिकल तरक्की में भी योगदान देती है।

वहीं, पीएम मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की मौजूदगी में गुजरात के गांधीनगर में भारत और जर्मनी के बीच MoU पर साइन किए गए।

स्वामी विवेकानंद के बारें क्या कहा?

प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच संबंधों की गहरी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नींव पर भी जोर दिया और दोनों देशों के बीच बौद्धिक संबंधों को मजबूत करने में स्वामी विवेकानंद की भूमिका को याद किया। पीएम ने कहा, 'पिछले साल हमने अपनी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के 25 साल पूरे किए, और इस साल हम अपने डिप्लोमेटिक संबंधों के 75 साल भी मना रहे हैं। ये मील के पत्थर सिर्फ समय की उपलब्धियां नहीं हैं। ये हमारी साझा महत्वाकांक्षाओं, आपसी भरोसे और लगातार मजबूत होते सहयोग के प्रतीक हैं। भारत और जर्मनी जैसी अर्थव्यवस्थाओं के बीच करीबी सहयोग पूरी मानवता के लिए बहुत जरूरी है। बढ़ते व्यापार और निवेश संबंधों ने हमारी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को नई ऊर्जा दी है।'

'2,000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां...'

मोदी ने कहा, 'हमारा द्विपक्षीय व्यापार अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है, जो 50 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। 2,000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां लंबे समय से भारत में मौजूद हैं। यह भारत में उनके अटूट भरोसे और यहां मौजूद अपार अवसरों को दिखाता है। आज सुबह इंडिया-जर्मनी CEO फोरम में यह साफ तौर पर देखने को मिला। भारत और जर्मनी के बीच टेक्नोलॉजी सहयोग साल-दर-साल मजबूत हुआ है, और इसका असर आज ज़मीन पर साफ दिख रहा है। भारत और जर्मनी रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में समान प्राथमिकताएं साझा करते हैं। इस सहयोग को और बढ़ाने के लिए, हमने इंडिया-जर्मनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का फैसला किया है। यह ज्ञान, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के लिए एक साझा मंच के रूप में काम करेगा...'

जर्मन चांसलर क्या बोले?

पीएम मोदी के साथ एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा, 'हम भारत और जर्मनी के बीच संबंधों को और भी ऊंचे स्तर पर ले जाना चाहते हैं... आपने मुझे अपने गृह राज्य गुजरात आने का न्योता दिया। इस खास जेस्चर के लिए मैं दिल से आपका शुक्रिया अदा करता हूं। यह हमारे दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों की निशानी है, लेकिन यह मेरे प्रति दोस्ती का भी सबूत है।'

किन चीजों पर समझौता हुआ?

मोदी ने कहा, 'हम क्लाइमेट, एनर्जी, शहरी विकास और शहरी मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में मिलकर नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। दोनों देशों की कंपनियों का ग्रीन हाइड्रोजन में नया मेगा-प्रोजेक्ट भविष्य की एनर्जी के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। भारत और जर्मनी मिलकर सुरक्षित, भरोसेमंद और मजबूत सप्लाई चेन बनाने के लिए काम कर रहे हैं। आज इन सभी विषयों पर साइन किए गए MoU हमारे सहयोग को नई गति और ताकत देंगे। रक्षा और सुरक्षा में बढ़ता सहयोग हमारे आपसी भरोसे और साझा विजन का प्रतीक है। मैं रक्षा व्यापार से जुड़ी प्राथमिकताओं को आसान बनाने के लिए चांसलर मर्ज का दिल से आभार व्यक्त करता हूं। हम रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक रोडमैप पर भी काम करेंगे, जिससे सह-विकास और सह-उत्पादन के नए अवसर खुलेंगे...'

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि भारत-जर्मनी आर्थिक संबंधों की पूरी क्षमता का फायदा उठाने के लिए, हमें भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत पूरी करनी होगी।

वीजा-फ्री ट्रांजिट की घोषणा

मोदी ने कहा, 'मैं भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-फ्री ट्रांजिट की घोषणा के लिए चांसलर मर्ज का आभार व्यक्त करता हूं। इससे दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध और मजबूत होंगे। मुझे खुशी है कि जर्मन मैरीटाइम म्यूजियम गुजरात के लोथल में बन रहे नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स के साथ सहयोग कर रहा है। यह एक ऐतिहासिक कदम है जो दोनों देशों के समुद्री इतिहास को जोड़ता है। गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी का पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में जर्मनी के साथ घनिष्ठ सहयोग रहा है। इस महत्वपूर्ण विषय पर आज साइन किया जा रहा MoU हमारे सहयोग को और मजबूत करेगा। भारत और जर्मनी हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर चले हैं। हमारी दोस्ती का असर ग्लोबल है। घाना, कैमरून और मलावी जैसे देशों में संयुक्त परियोजनाओं के साथ हमारी त्रिपक्षीय विकास साझेदारी दुनिया के लिए एक सफल मॉडल है। हम ग्लोबल साउथ के देशों के विकास के लिए अपने संयुक्त प्रयास जारी रखेंगे...'

स्वामी विवेकानंद के बारें क्या कहा?

प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच संबंधों की गहरी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नींव पर भी जोर दिया और दोनों देशों के बीच बौद्धिक संबंधों को मजबूत करने में स्वामी विवेकानंद की भूमिका को याद किया। पीएम मोदी ने कहा, 'स्वामी विवेकानंद ने भारत और जर्मनी के बीच एक पुल बनाया था।'

चांसलर मर्ज का भारत और उनके गृह राज्य गुजरात में स्वागत करते हुए, पीएम मोदी ने जर्मन नेता की द्विपक्षीय संबंधों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'मैं चांसलर मर्ज को इस रिश्ते पर उनके व्यक्तिगत ध्यान और प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद देता हूं।'

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 Nitin Arora
Nitin Arora author

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें

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