Ram Nath Kovind Autobiography: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा 'Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles' का औपचारिक विमोचन हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में पूर्व राष्ट्रपति के साथ अपने दीर्घकालिक संबंधों, उनके अद्वितीय मार्गदर्शन और देश के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान को नमन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविंद जी की यह जीवन यात्रा केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र और समाज के लिए एक अनमोल धरोहर है।
बचपन का वो दर्दनाक हादसा और मां का साया उठना
संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति कोविंद के शुरुआती जीवन की एक बेहद भावुक घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कानपुर देहात के एक साधारण परिवार से आने वाले कोविंद जी के बचपन में गर्मी के मौसम में उनके घर में भीषण आग लग गई थी।
उनकी मां बच्चों के पालन-पोषण के संसाधनों और घर के सामान को बचाते-बचाते खुद आग में झुलस गईं और उनका निधन हो गया। पीएम ने कहा कि इतनी कम उम्र में मां को खोने का दर्द किसी भी इंसान को तोड़ सकता था, लेकिन कोविंद जी ने उन मुश्किलों का सामना करते हुए खुद को मजबूत बनाया और देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचे।
जब मोदी ने किया मां को याद
पूर्व राष्ट्रपति की बात करते हुए पीएम मोदी ने अपनी माता जी को याद किया। उन्होंने कहा कि मैं खुशकिस्मत रहा कि मेरी मां सौ साल से ज्यादा समय तक जीवित रहीं और मुझे आशीर्वाद देती रहीं। बावजूद इसके आज भी मुझे उनकी कमी बहुत खलती है।
राष्ट्र निर्माण और 'विकसित भारत' का संकल्प
प्रधानमंत्री ने बाबा साहेब अंबेडकर, महात्मा गांधी, ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले जैसी महान विभूतियों के विजन को याद करते हुए कहा कि भारत के निर्माण का सपना तभी पूरा होता है जब समाज का सबसे गरीब और वंचित व्यक्ति शिखर तक पहुंचता है। मोदी ने कहा कि कोविंद जी जैसे व्यक्तित्वों ने अपने श्रम और काबिलियत से न सिर्फ अपना जीवन बदला बल्कि सदियों के उस सपने और विजन को साकार करने में अपनी अहम भूमिका निभाई।
पीएम मोदी ने देश की नई पीढ़ी से इस किताब को पढ़ने का आह्वान किया ताकि युवा मुश्किलों से हार न मानें और अपनी मेहनत से हर मंजिल को हासिल करें। पीएम ने कहा कि राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी कोविंद जी देश के महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय हैं। वर्तमान में वे 'एक देश, एक चुनाव' जैसी ऐतिहासिक पहल पर काम कर रहे हैं, जो भारतीय लोकतंत्र का एक नया अध्याय लिखेगा।
