भारत और रूस के बीच साझेदारी और मित्रता को बढ़ावा देने के उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) को रूस का 'सर्वोच्च नागरिक सम्मान'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल द फर्स्ट-कॉल्ड (St Andrew the Apostle the First-Called) मिला। भारत और रूस के बीच साझेदारी और मित्रता को बढ़ावा देने के उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री मोदी को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यह सम्मान मिला।
सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन और रूस को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों का 'सम्मान' है और दोनों देशों के बीच सदियों पुरानी मित्रता का प्रतिबिंब है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा-'राष्ट्रपति पुतिन के नेतृत्व में पिछले 25 वर्षों में भारत-रूस संबंध (India-Russia partnership) मजबूत हुए हैं। हमें भारत और रूस के लोगों के बेहतर भविष्य के लिए लोगों से लोगों की साझेदारी को और प्रोत्साहित करने और समर्थन देने की आवश्यकता है' प्रधानमंत्री ने कहा, 'भारत-रूस साझेदारी महत्वपूर्ण है। हमारा मानना है कि शांति और स्थिरता के लिए हमें निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। हम इस दिशा में निरंतर काम करेंगे।'
ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल द फर्स्ट-कॉल की स्थापना
ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल द फर्स्ट-काॅल्ड की स्थापना 1698 में ज़ार पीटर द ग्रेट द्वारा, यीशु के प्रथम प्रेषित और रूस के संरक्षक संत, सेंट एंड्रयू के सम्मान में की गई थी। इसे एक ही वर्ग में दिया जाता था और इसे केवल सबसे उत्कृष्ट नागरिक या सैन्य योग्यता के लिए दिया जाता था। समारोह सेंट एंड्रयू के ऑर्डर के भव्य हॉल में आयोजित किया गया था।
