प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के साणंद में माइक्रोन टेक्नोलॉजी की पहली 'सेमीकंडक्टर असेंबली,टेस्ट और पैकेजिंग'(ATMP) यूनिट का उद्घाटन किया। यह प्लांट भारत में पहली ऐसी इकाई है,जहां से'मेड-इन-इंडिया'सेमीकंडक्टर मेमोरी मॉड्यूल का उत्पादन और निर्यात शुरू होगा। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 22,500 करोड़ रुपये से अधिक है और यह भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में एक महत्वपूर्ण केंद्र बना देगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अब सिर्फ सॉफ्टवेयर ही नहीं,बल्कि हार्डवेयर और सेमीकंडक्टर निर्माण में भी वैश्विक पहचान बना रहा है। उन्होंने इसे भारत-अमेरिका तकनीकी साझेदारी और ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
‘AI रेवोल्यूशन की सदी में सेमीकंडक्टर है ब्रिज’
प्रधानमंत्री ने कहा कि 20वीं सदी इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन की थी,जहां फैक्ट्रियों और मशीनों ने देशों की तकदीर बदली। लेकिन 21वीं सदी AI रेवोल्यूशन की है और सेमीकंडक्टर इस बदलाव का सबसे अहम पुल है। उन्होंने कहा कि अगर पिछली सदी का रेगुलेटर ऑयल था,तो इस सदी का रेगुलेटर माइक्रो-चिप होगी। उन्होंने जोर दिया कि AI और चिप टेक्नोलॉजी की सुरक्षित सप्लाई चेन के लिए भारत और अमेरिका मिलकर काम कर रहे हैं। AI समिट के बाद यह प्रोजेक्ट भारत की टेक्नोलॉजी लीडरशिप के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
रिकॉर्ड समय में प्रोजेक्ट पूरा
प्रधानमंत्री ने बताया कि जून 2023 में इस फैसिलिटी के लिए MoU साइन हुआ,सितंबर 2023 में ग्राउंडब्रेकिंग हुई, फरवरी 2024 में मशीनें लगनी शुरू हुईं और फरवरी 2026 में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि विकसित देशों में जटिल टैक्स और प्राइसिंग एग्रीमेंट में 3 से 5 साल लग जाते हैं, लेकिन भारत ने कुछ ही महीनों में प्रक्रियाएं पूरी कर दीं। उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीति और तेज निर्णय भारत के नए कार्यसंस्कृति का परिचायक है।
सेमीकॉन इंडिया के तहत 10 प्रोजेक्ट्स मंजूर
प्रधानमंत्री ने बताया कि सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम के तहत अब तक 10 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है। माइक्रोन के अलावा तीन और प्रोजेक्ट जल्द उत्पादन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम केवल एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि डिजाइन, रिसर्च, लॉजिस्टिक्स, स्किल और सप्लायर नेटवर्क की पूरी वैल्यू चेन है।
उन्होंने बजट में घोषित ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ का भी जिक्र करते हुए कहा कि भारत में मटेरियल, कंपोनेंट्स और सर्विसेज की मांग तेजी से बढ़ेगी, जिससे MSME और स्टार्टअप्स को बड़ा अवसर मिलेगा।
साणंद बनेगा नया टेक हब
प्रधानमंत्री ने साणंद से अपने पुराने जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि कभी छोटा कस्बा रहा यह क्षेत्र अब ऑटोमोबाइल हब के बाद सेमीकंडक्टर क्लस्टर के रूप में उभर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गुजरात सरकार निवेशकों और पेशेवरों के लिए बेहतर लाइफस्टाइल और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करेगी।
गुजरात सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि तेज अनुमोदन,भूमि आवंटन और यूटिलिटी सपोर्ट ने राज्य को टेक्नोलॉजी निवेश के लिए आकर्षक बनाया है। धोलेरा और साणंद पश्चिमी भारत के सेमीकंडक्टर क्लस्टर के रूप में विकसित हो रहे हैं।
रोजगार और ग्लोबल सप्लाई चेन को मिलेगा बल
माइक्रोन की यह फैसिलिटी D-RAM और NANDआधारित मेमोरी व स्टोरेज उत्पादों के असेंबली और पैकेजिंग का काम करेगी,जो डेटा सेंटर्स, AI एप्लिकेशन, मोबाइल डिवाइस और एडवांस कंप्यूटिंग सिस्टम्स में इस्तेमाल होंगे। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि आने वाले समय में जब इस दशक को याद किया जाएगा, तो इसे भारत के टेक्नोलॉजी टर्निंग प्वाइंट के रूप में देखा जाएगा।
