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आज से संसद का बजट सत्र MNREGA, विदेश नीति और कई अन्य मुद्दे उठाएगा विपक्ष

सरकार का कहना है कि एजेंडा बाद में दिया जाएगा, क्योंकि सत्र का पहला भाग राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए जाने वाले धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और केंद्रीय बजट पर चर्चा पर केंद्रित होगा।

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28 जनवरी से संसद का बजट सत्र

कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने मंगलवार को कहा कि बुधवार से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र में मनरेगा, मोदी सरकार की विदेश नीति, अमेरिकी शुल्क, डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट, वायु प्रदूषण और जनहित के कई अन्य विषयों को उठाया जाएगा।सरकार द्वारा आज बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में बजट सत्र को लेकर चर्चा की गई, हालांकि कांग्रेस ने इसे लेकर विरोध दर्ज कराया कि सरकार ने कोई विधायी एजेंडा सामने नहीं रखा है।

सरकार का कहना है कि एजेंडा बाद में दिया जाएगा, क्योंकि सत्र का पहला भाग राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए जाने वाले धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और केंद्रीय बजट पर चर्चा पर केंद्रित होगा।राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता प्रमोद तिवारी ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार संविधान से मिले अधिकारों को खत्म कर रही है और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है।

'हमारी विदेश नीति कहां पहुंच गई?

उन्होंने कहा, 'विपक्ष विदेश नीति का विषय भी उठाएगा। हमारी विदेश नीति कहां पहुंच गई? कोई हमारे साथ खड़ा नहीं है। हमें यह भी नहीं पता चल रहा कि किसके साथ चलें, कौन हमारे साथ चलेगा।' उनका कहना था कि सरकार की आर्थिक नीति की बात करें तो रुपया सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।

'हम इंदौर में दूषित पानी से होने वाली मौतों का मुद्दा भी उठाएंगे'

तिवारी ने कहा, 'अमेरिका की ओर से लगातार टैरिफ जारी है और रूसी तेल (की खरीद) का मुद्दा भी है। दिल्ली और दूसरी जगहों पर हमने वायु प्रदूषण का जो सबसे भयानक रूप देखा है, उसे देखते हुए हम यह मुद्दा भी उठाएंगे... हम इंदौर में दूषित पानी से होने वाली मौतों का मुद्दा भी उठाएंगे।' कांग्रेस नेता ने कहा कि मनरेगा का मुद्दा भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस योजना की जगह नया कानून लाकर न केवल इसके नाम से महात्मा गांधी का नाम हटाया गया है, बल्कि 'ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार खत्म किया जा रहा है।' उन्होंने यह भी कहा कि इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली, 'वोट चोरी' और बेरोजगारी के मुद्दों को भी इस सत्र के दौरान उठाया जाए गा।

हैदराबाद की तर्ज पर अमरावती को 'कानूनी दर्जा' देने की भी मांग

कांग्रेस सांसद कोडिकुनिल सुरेश ने कहा कि विपक्ष की मांग है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को बहाल किया जाए।तेलुगू देसम पार्टी के सांसद लावू श्रीकृष्ण देवरायालू ने कहा कि भारत जिन अलग-अलग मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर कर रहा है, उन पर चर्चा होनी चाहिए।उन्होंने हैदराबाद की तर्ज पर अमरावती को 'कानूनी दर्जा' देने की भी मांग की। बीजू जनता दल के सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी 'ओडिशा में किसानों की परेशानी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था का विषय उठाएगी'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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