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पाकिस्तान में अब रहमान गली नहीं बन पाएगी राम गली; पंजाब सरकार ने विरोध के डर से योजना की स्थगित

लाहौर हेरिटेज एरिया रिवाइवल (एलएएचआर) ने हाल ही में आयोजित अपनी बैठक में लाहौर और उसके आसपास के इलाकों में सड़कों और गलियों के मूल ऐतिहासिक नामों को बहाल करने की मंजूरी दी थी। जिसे अब स्थगित कर दिया गया है।

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पाकिस्तान में अब नहीं बदले जाएंगे सड़कों के नाम।

पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने कुछ "चरमपंथी तत्वों" के दबाव में आकर, लाहौर की सड़कों और कई गलियों के मूल ऐतिहासिक नामों को बहाल करने की अपनी योजना को स्थगित कर दिया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि इस योजना का उद्देश्य शहर की विभाजन-पूर्व विरासत को पुनर्जीवित करना था।

लाहौर हेरिटेज एरिया रिवाइवल (एलएएचआर) ने हाल ही में आयोजित अपनी बैठक में लाहौर और उसके आसपास के इलाकों में सड़कों और गलियों के मूल ऐतिहासिक नामों को बहाल करने की मंजूरी दी थी। इस बैठक की अध्यक्षता पीएमएल-एन के अध्यक्ष और तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने संयुक्त रूप से की थी।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी कर मीडिया को इस फैसले की जानकारी दी। फरवरी 2024 के आम चुनावों के बाद से वर्तमान में राजनीति में सक्रियता नहीं दिखा रहे शरीफ, लाहौर विरासत क्षेत्र पुनर्विकास (एलएएचआर) के प्रमुख हैं। सरकार ने हालांकि इस फैसले से पलटते हुए कहा है कि वह लाहौर की सड़कों और गलियों के मूल नाम बहाल करने पर अभी विचार कर रही है। लाहौर के उपायुक्त कैप्टन आर. मोहम्मद अली एजाज ने सोमवार को ’डान’ समाचारपत्र को बताया, "अभी तक ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है।’’

जब उनसे पूछा गया कि शरीफ और मरियम दोनों ने सड़कों और गलियों के मूल नामों को बहाल करने की मंजूरी दे दी है, और मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस संबंध में 20 मार्च को एक विज्ञप्ति जारी की थी, तो एजाज ने जोर देकर कहा कि "अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है क्योंकि मामला विचाराधीन है।"

एक आधिकारिक सूत्र ने हालांकि कहा कि व्लॉगर सहित कुछ चरमपंथी तत्वों ने लाहौर की सड़कों और गलियों के विभाजन-पूर्व "हिंदू और सिख" नामों को बहाल करने के लिए मरियम की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, "चूंकि आलोचकों ने सरकार के फैसले को धार्मिक रंग दे दिया, इसलिए मरियम नवाज प्रशासन ने प्रतिक्रिया से बचने के लिए फैसले को टाल दिया है।"

चरमपंथी तत्वों की प्रतिक्रिया के बाद, एलएचएआर ने हाल ही में विद्वानों, इतिहासकारों, वास्तुकारों, शहरी योजनाकारों और अन्य प्रमुख व्यक्तियों की एक बैठक आयोजित की और लाहौर भर की सड़कों, गलियों और इलाकों के मूल नामों को बहाल करने के "प्रस्ताव" पर उनके सुझाव मांगे।

लाहौर की ऐतिहासिक गलियां और सड़कें, जिनका नाम पिछली सरकारों द्वारा बदल दिया गया था, उनमें क्वीन्स रोड, जेल रोड, डेविस रोड, लॉरेंस रोड, एम्प्रेस रोड, कृष्ण नगर, संत नगर, धरमपुरा, ब्रैंडरेथ रोड, राम गली, टेम्पबेल स्ट्रीट, लक्ष्मी चौक, जैन मंदिर रोड, कुम्हारपुरा, मोहन लाल बाजार, सुंदर दास रोड, भगवान पुरा, शांति नगर और आउटफॉल रोड शामिल हैं।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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