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पहलगाम हमले के बाद भारत को मिला दुनिया का साथ; मैक्रों, नेतन्याहू, मेलोनी सहित इन वैश्विक नेताओं ने की पीएम मोदी से बात

पहलगाम हमले के बाद पूरी दुनिया भारत के साथ खड़ी नजर आ रही है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इटली की पीएम मेलोनी समेत दुनिया के दिग्गजों ने इस आतंकी हमले की निंदा की। तो वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, इजरायल के पीएम नेतन्याहू और इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी सहित कई विश्व नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी से बात की।

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पहलगाम हमले के बाद भारत को मिला दुनिया का साथ।

Pahalgam Attack: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बात की और पहलगाम आतंकवादी हमले पर भारत के साथ अपनी एकजुटता प्रकट की। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, मैक्रों ने मोदी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि आतंकवादी हमले के दौरान सामने आई बर्बरता पूरी तरह से अस्वीकार्य है।

पहलगाम हमले के बाद भारत को मिला दुनिया का साथ

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी मोदी से बात की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इशिबा ने मोदी के साथ फोन पर बातचीत में कहा कि आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता। जायसवाल ने कहा, 'दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद मानवता के लिए गंभीर खतरा है। लोकतंत्र में विश्वास रखने वालों को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुट होना चाहिए।' उन्होंने कहा कि मोदी ने 'सीमा पार आतंकवादी हमले संबंधी जानकारी साझा की तथा इससे दृढ़ता और निर्णायक तरीके से निपटने के भारत के संकल्प को व्यक्त किया।'

मंगलवार के आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। इससे भारत और विदेशों में व्यापक आक्रोश फैल गया। जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों ने जम्मू-कश्मीर में हुए जघन्य आतंकवादी हमले में निर्दोष लोगों की ‘क्रूर हत्या’ पर व्यक्तिगत तौर पर संवेदना व्यक्त की। प्रवक्ता ने कहा, 'राष्ट्रपति ने हमले की कड़ी निंदा की और भारत के लोगों के साथ पूर्ण समर्थन और एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस तरह की बर्बरता पूरी तरह से अस्वीकार्य है।'

आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी और नमेलोनी के बीच हुई बात

रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री ने समर्थन संदेश के लिए राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया तथा अपराधियों को न्याय के शिकंजे में लाने के लिए भारत के दृढ़ संकल्प से अवगत कराया। जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मेलोनी ने भारतीय धरती पर हुए भयावह आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की तथा पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं एवं प्रार्थनाएं व्यक्त कीं। प्रवक्ता ने कहा, 'मेलोनी ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में इटली की ओर से पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके आह्वान और आतंकवाद तथा इसके पीछे छिपे लोगों के खिलाफ समर्थन के स्पष्ट संदेश की सराहना की।'

जायसवाल ने कहा, 'भारत और इटली आतंकवाद विरोधी प्रयासों को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों सहित अन्य मंचों पर मिलकर काम करना जारी रखेंगे।'

इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने पीएम मोदी से की बातचीत

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जॉर्डन के शाह ने इस ‘भयावह’ आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की तथा निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की। जायसवाल ने कहा, 'उन्होंने कहा कि आतंकवाद को उसके सभी स्वरूपों में खारिज किया जाना चाहिए और इसे किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता।' नेतन्याहू ने ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा कि वह ‘‘कश्मीर में इस्लामी आतंकवादी हमले’’ के बाद भारत के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।

उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के दुख को साझा करने के लिए मुझे धन्यवाद दिया और इस बात पर जोर दिया कि हमारे दोनों देश प्राणघाती आतंकवाद के खिलाफ महत्वपूर्ण लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।' इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा, 'हमने परिवहन और संचार गलियारा पहल को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की, जो सऊदी अरब और इजराइल के माध्यम से एशिया को यूरोपीय महाद्वीप से जोड़ेगा।'

इस बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जर्मन चांसलर के विदेश एवं सुरक्षा नीति सलाहकार जेन्स प्लॉटनर के साथ बातचीत की। जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच पोस्ट में कहा, 'आज जर्मन चांसलर के विदेश एवं सुरक्षा नीति सलाहकार जेन्स प्लॉटनर से मिलकर प्रसन्नता हुई।' उन्होंने कहा, 'भारत में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले पर जर्मनी द्वारा प्रकट की गई एकजुटता की मैं सराहना करता हूं।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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