Opposition Unity: लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी और नरेंद्र मोदी की सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए 23 जून को पटना में 17 विपक्षी दलों की बैठक हुई थी। सभी ने एक साथ चुनाव लड़ने पर सहमति जताई। हालांकि आम आदमी पार्टी दिल्ली अध्यादेश में कांग्रेस रुख को लेकर अपनी स्थिति साफ नहीं की है। आप को छोड़कर बाकी दल एक बार फिर जुलाई में कर्नाटक की राजधानी बैंगलुरू में बैठक करने जा रहे हैं। पहले यह बैठक हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में होने जा रही थी। एनसीपी चीफ शरद पवार ने गुरुवार (29 जून) को बताया कि विपक्षी दलों की अगली बैठक 13, 14 जुलाई को बैंगलुरु में होगी।
विपक्षी दलों की अगली बैठक की जानकारी देते हुए एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि पटना में विपक्षी दलों की बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बेचैन हो गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मणिपुर जल रहा है, लेकिन मोदी सरकार स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है।
पटना की बैठक में इन पार्टियों के ये नेता हुए ते शामिल
23 जून को पटना में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की मेजबानी में मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग पर विपक्षी दलों की बैठक हुई थी जिसमें 15 दलों के 30 से अधिक विपक्षी नेताओं ने भाग लिया थी। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एवं पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने बैठक में भाग लिया था। डीएमके नेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, नेशनल कांफ्रेस के नेता उमर अब्दुल्ला, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी राजा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी और कुछ अन्य नेता इस बैठक में शामिल हुए थे।
