INDIA Bloc Delegation President Murmu: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर मचे घमासान के बीच दिल्ली में सियासत और तेज हो गई है। संसद भवन के सेंट्रल हॉल में विपक्षी सांसद बड़ी संख्या में एकत्र हो रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी, और विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च निकालने का ऐलान किया है।
टाइम्स नाउ के सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार रात 8 बजे INDIA गठबंधन के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मिलने के लिए समय दिया है। इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राजद नेता तेजस्वी यादव जैसे बड़े नेता शामिल होंगे।
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चुनाव आयोग सत्ता पक्ष के इशारे पर कर रहा काम-विपक्ष का आरोप
यह पूरा विवाद चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग के अंदरूनी फैसलों को लेकर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव आयुक्तों ने कई बार फैसलों पर आपत्ति जताई थी, हालांकि चुनाव आयोग ने सभी फैसले सर्वसम्मति से लेने की बात कही है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग सत्ता पक्ष के इशारे पर काम कर रहा है और वे इसी शिकायत को लेकर राष्ट्रपति से मिलने जा रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था और पाबंदियां लागू
विपक्ष के इस विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था और पाबंदियां लगाई गई हैं। टाइम्स नाउ नवभारत के पत्रकार रविकांत राय से बातचीत में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तानाशाही बुरी तरह डरी हुई है, तभी तो जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए मेट्रो और ट्रेनें बंद की जा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश के चुने हुए सांसदों और विपक्ष को राष्ट्रपति या चुनाव आयोग से मिलने से भी रोक दिया जाएगा?
इमरान प्रतापगढ़ी ने स्पष्ट किया कि महामहिम का घर पास में है और संसद के सांसद अपनी बात रखने के लिए एकजुट होकर वहां जाएंगे। जनता में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोट से जुड़े मुद्दों को लेकर भारी गुस्सा है, जिसे दबाया नहीं जा सकता। बहरहाल, शाम को होने वाली राष्ट्रपति के साथ बैठक और विपक्ष के इस मार्च पर देश भर की निगाहें टिकी हुई हैं।
