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BSF, सीआईएसफ, CRPF किसके पास? घुसपैठ पर ममता का सरकार से सवाल

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूछा कि 'क्या बंगाली जन, गण, मन नहीं गाते हैं? ये लोग बंगालियों को रोहिंग्या और बांग्लादेश बता रहे हैं। इन्हें शर्म आनी चाहिए।' पश्चिम बंगाल की सीएम ने पूछा कि सीमा की सुरक्षा कौन करता है? किसके पास बीएसएफ है? देश का गृह मंत्री कौन है? और सीआईएसएफ और सीआरपीएफ किसके अधीन है?

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी। तस्वीर-PTI

Mamata Banerjee : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्लादेश से होने वाली घुसपैठ को लेकर बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। ममता ने पूछा कि 'क्या बंगाली जन, गण, मन नहीं गाते हैं? ये लोग बंगालियों को रोहिंग्या और बांग्लादेशी बता रहे हैं। इन्हें शर्म आनी चाहिए।' पश्चिम बंगाल की सीएम ने पूछा कि सीमा की सुरक्षा कौन करता है? किसके पास बीएसएफ है? देश का गृह मंत्री कौन है? और सीआईएसएफ एवं सीआरपीएफ किसके अधीन हैं?

बंगाल में भी SIR कराना चाहते हैं-ममता

ममता ने कहा, 'अगर कोई हवाई मार्ग से आता है, तो केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय को इसकी जानकारी होती है। जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, ये लोग नाम हटा रहे हैं। चुनाव आयोग का हम सम्मान करते हैं। लेकिन अगर कोई बीजेपी के लिए काम करता है, तो हम उसे ऐसे नहीं जाने देंगे। इन्होंने बिहार में 30.5 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए। महाराष्ट्र और दिल्ली में भी इसी तरह जीते थे। अब वही योजना बिहार के लिए बना रहे हैं। बंगाल में भी यही करना चाहते हैं, लेकिन हम इंच-इंच लड़ेंगे।'

बंगाल में भी SIR कराना चाहते हैं-ममता

ममता ने कहा, 'अगर कोई हवाई मार्ग से आता है, तो केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय को इसकी जानकारी होती है। जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, ये लोग नाम हटा रहे हैं। चुनाव आयोग का हम सम्मान करते हैं। लेकिन अगर कोई बीजेपी के लिए काम करता है, तो हम उसे ऐसे नहीं जाने देंगे। इन्होंने बिहार में 30.5 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए। महाराष्ट्र और दिल्ली में भी इसी तरह जीते थे। अब वही योजना बिहार के लिए बना रहे हैं। बंगाल में भी यही करना चाहते हैं, लेकिन हम इंच-इंच लड़ेंगे।'

कोलकाता में प्रदर्शन का नेतृत्व किया

इससे पहले ममता ने भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी लोगों को कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने के विरोध में बुधवार दोपहर कोलकाता की सड़कों पर प्रदर्शन किया। मध्य कोलकाता के कॉलेज स्क्वायर से दोपहर लगभग पौने दो बजे शुरू हुए मार्च में बनर्जी ने हजारों लोगों का नेतृत्व किया और इस दौरान तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। इस मार्च का समापन धर्मतला के ‘डोरीना क्रॉसिंग’ पर होगा।

राज्यभर में टीएमसी ने किया प्रदर्शन

लगभग तीन किलोमीटर लंबे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है, सड़क किनारे फुटपाथ की तरफ और आसपास की इमारतों के बाहर अवरोधक लगाकर लगभग 1,500 पुलिसकर्मी मोर्चा संभाले हुए हैं। मार्च के कारण शहर के मध्य हिस्सों में कई मुख्य सड़कों पर मार्ग परिवर्तन किया गया है। राज्यभर के जिला मुख्यालयों में भी तृणमूल द्वारा इसी तरह के प्रदर्शन आयोजित किए गए। ये विरोध प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राज्य के निर्धारित दौरे से एक दिन पहले हो रहे हैं।

बंगाल में अगले साल होंगे विधानसभा चुनाव

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में अब एक साल से भी कम समय बचा है और ऐसे में तृणमूल कांग्रेस ने ऐसे मुद्दों पर अपना विरोध तेज कर दिया है। उसका आरोप है कि बांग्ला भाषी लोगों को एक सुनियोजित ढंग से निशाना बनाया जा रहा है और उनके साथ भाषाई भेदभाव किया जा रहा है, गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया जा रहा है और उन्हें ‘अवैध प्रवासी’करार देने की साजिश की जा रही है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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