Udhhav Thackeray: शवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने निशाना साधा है। ठाकरे ने कहा है कि सेना यूबीटी को खत्म नहीं किया जा सकता क्योंकि वह एक राजनीतिक संगठन से ज्यादा है। उद्धव ने कहा कि सेना यूबीटी एक विचारधारा और इस मिट्टी का प्रतीक है। अपने पिता बाला साहेब ठाकरे के शताब्दी समारोह में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। यूबीटी नेता ने कहा कि उनकी पार्टी को खत्म करने का भाजपा का सपना पूरा नहीं हो पाएगा।
बीएमसी चुनाव में भाजपा को मिली है बड़ी जीत
ठाकरे ने यह टिप्पणी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद आई है। उद्धव ने अविभाजित शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे की जन्म शताब्दी समारोह के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कई लोग ठाकरे परिवार का नाम मिटाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं होगा।
बीएमसी पर से ठाकरे परिवार का नियंत्रण खत्म
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अगर भाजपा सोचती है कि वह शिवसेना (उबाठा)को खत्म कर सकती है तो वह गलत है। शिवसेना (उबाठा) एक पार्टी नहीं बल्कि एक विचार है।’ उनकी यह टिप्पणी 15 जनवरी को हुए बीएमसी चुनावों में भाजपा के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद आई है। भाजपा ने 227 सदस्यीय स्थानीय निकाय सदन में 89 सीटें जीतीं जबकि राज्य की ‘महायुति’ सरकार में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 29 सीट मिली। इसी के साथ भाजपा ने देश के सबसे धनी नगर निकाय पर ठाकरे परिवार के दशकों पुराने नियंत्रण को समाप्त कर दिया है।
दो पार्षदों से संपर्क नहीं हो पा रहा
शिवसेना यूबीटी की कल्याण इकाई ने शुक्रवार को पुलिस से संपर्क कर दावा किया कि उसके नवनिर्वाचित दो पार्षदों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने 15 जनवरी को कल्याण डोंबिवली में हुए नगर निकाय चुनावों में 11 सीट जीती थीं। कोलसेवाड़ी पुलिस थाने में अपनी शिकायत में, शिवसेना (उबाठा) कल्याण जिला प्रमुख शरद शिवराज पाटिल ने कहा कि नवनिर्वाचित पार्षदों मधुर उमेश म्हात्रे और कीर्ति राजन धोणे से संपर्क करने के सभी प्रयास व्यर्थ रहे हैं। उन्होंने लापता लोगों का पता लगाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू
पाटिल ने अपनी शिकायत में कहा, ‘दोनों पार्षदों के फोन बंद हैं। उनका अचानक गायब होना केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून व्यवस्था और जनविश्वास से जुड़ा है। इस घटना के पीछे दबाव, धोखाधड़ी, अपहरण या अन्य आपराधिक गतिविधियों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।’वरिष्ठ निरीक्षक गणेश नायिंदे ने कहा कि पाटिल की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है।
