Vande Bharat Sleeper : लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के रूप में एक नया विकल्प मिलने जा रहा है। रेलवे मुंबई-बेंगलुरु और वाराणसी-नई दिल्ली के बीच दो नई वंदे भारत स्लीपर सेवाएं शुरू करने की तैयारी में है। इन ट्रेनों की खासियत सिर्फ तेज रफ्तार और रात में सफर की सुविधा नहीं, बल्कि इनका किराया और टिकट बुकिंग का अलग नियम भी है। इस ट्रेन में RAC टिकट की सुविधा नहीं होगी। यानी सीट कन्फर्म न होने पर यात्रियों को RAC के तहत बर्थ साझा करने का विकल्प नहीं मिलेगा। हालांकि, वेटिंग लिस्ट में शामिल यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिल सकता है, अगर पहले से कन्फर्म टिकट बुक कराने वाले यात्री अपना टिकट रद्द करते हैं।
कितना होगा किराया?
वंदे भारत स्लीपर का किराया प्रति यात्री प्रति किलोमीटर के आधार पर तय किया गया है। रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अलग-अलग श्रेणियों के लिए किराया 2.40 रुपये से 3.80 रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर के बीच रहेगा।- 3AC का किराया: 2.40 रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर, GST अतिरिक्त।
- 1,000 किलोमीटर का सफर: 3AC में करीब 2,400 रुपये, GST अतिरिक्त।
- अलग-अलग श्रेणियों का किराया: संबंधित क्लास और तय दूरी के हिसाब से अलग होगा।
टिकट बुकिंग में क्या होगा अलग?
वंदे भारत स्लीपर में टिकट बुक कराने से पहले यात्रियों को इसकी आरक्षण व्यवस्था समझनी होगी।- RAC की सुविधा नहीं: इस ट्रेन में Reservation Against Cancellation यानी RAC टिकट जारी नहीं किए जाएंगे।
- वेटिंग टिकट कन्फर्म हो सकता है: कन्फर्म टिकट रद्द होने पर वेटिंग लिस्ट के यात्रियों को सीट मिल सकती है।
- अलग श्रेणी की सेवा: वंदे भारत स्लीपर को रेलवे ने अलग यात्री सेवा श्रेणी के रूप में रखा है।
इसलिए यात्रियों को टिकट बुक करते समय अपनी यात्रा की तारीख और कन्फर्मेशन की स्थिति पर विशेष ध्यान देना होगा। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और गर्भवती महिलाओं के लिए लोअर बर्थ। रेलवे ने लोअर बर्थ के लिए भी आरक्षण व्यवस्था का प्रावधान किया है। इसमें वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिला यात्रियों और गर्भवती महिलाओं को शामिल किया गया है। वास्तविक संख्या ट्रेन में संबंधित श्रेणी के कोचों और लागू आरक्षण व्यवस्था पर निर्भर करेगी। दिव्यांग यात्रियों और उनके सहायकों के लिए भी रेलवे के निर्धारित नियमों के तहत आरक्षण की व्यवस्था लागू होगी।
मुंबई-बेंगलुरु वंदे भारत स्लीपर: करीब 1,000 किमी का सफर 15 घंटे 45 मिनट में
मुंबई और बेंगलुरु के बीच प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर सेवा का उद्देश्य दोनों शहरों के बीच रात के सफर को अधिक सुविधाजनक बनाना है। यह ट्रेन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), मुंबई से चलकर सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT), बेंगलुरु पहुंचेगी।प्रस्तावित रूट और स्टॉपेज:
CSMT मुंबई – कल्याण – पुणे – सोलापुर – कलबुर्गी – रायचूर – गूंतकल – अनंतपुर – SMVT बेंगलुरु।प्रस्तावित टाइमिंग:
- मुंबई से प्रस्थान: रात 8:10 बजे।
- बेंगलुरु आगमन: अगले दिन सुबह 11:55 बजे।
- बेंगलुरु से वापसी: रात 7:50 बजे।
- मुंबई आगमन: अगले दिन सुबह 11:55 बजे।
इस रूट पर करीब 1,000 किलोमीटर की दूरी तय करने में 15 घंटे 45 मिनट लगने का अनुमान है। मौजूदा उद्यान एक्सप्रेस के मुकाबले यात्रा समय में करीब 6 घंटे 20 मिनट की कमी आने की बात कही गई है। इस ट्रेन से नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों, छात्रों और पर्यटन के लिए दोनों शहरों के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। रेलवे के मुताबिक, इस रूट पर ट्रेनसेट का ट्रायल 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पर किया जा चुका है। इस सेवा के लिए दो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट प्रस्तावित हैं।
रात में सफर, सुबह राजधानी में पहुंचेंगे यात्री
दूसरी प्रस्तावित सेवा वाराणसी और नई दिल्ली के बीच चलेगी। यह ट्रेन प्रयागराज और कानपुर होते हुए राजधानी पहुंचेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच रात में यात्रा करने वाले यात्रियों को इससे एक अतिरिक्त विकल्प मिलने की उम्मीद है।प्रस्तावित रूट:
वाराणसी – प्रयागराज जंक्शन – कानपुर सेंट्रल – नई दिल्ली।
वाराणसी से दिल्ली की टाइमिंग:
- वाराणसी से प्रस्थान: रात 8:50 बजे।
- प्रयागराज जंक्शन आगमन: रात 10:35 बजे।
- प्रयागराज से प्रस्थान: रात 10:40 बजे।
- कानपुर सेंट्रल आगमन: रात 12:40 बजे।
- नई दिल्ली आगमन: अगले दिन सुबह 5:55 बजे।
प्रयागराज में ट्रेन का ठहराव पांच मिनट का प्रस्तावित है।
दिल्ली से वाराणसी की टाइमिंग:
- नई दिल्ली से प्रस्थान: रात 9:40 बजे।
- प्रयागराज आगमन: अगले दिन सुबह 4:45 बजे।
- प्रयागराज से प्रस्थान: सुबह 4:50 बजे।
- वाराणसी आगमन: सुबह 6:45 बजे।
हालांकि, नियमित परिचालन की अंतिम समय-सारणी और अन्य परिचालन संबंधी विवरणों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
रेलवे के लिए क्यों अहम हैं ये ट्रेनें?
नई वंदे भारत स्लीपर सेवाएं लंबी दूरी के यात्रियों को रात में यात्रा कर अगले दिन सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचने का विकल्प देंगी। मुंबई-बेंगलुरु के बीच कारोबार और नौकरी के सिलसिले में यात्रा करने वालों के लिए यह उपयोगी हो सकती है, जबकि वाराणसी-दिल्ली रूट पर धार्मिक यात्रियों, छात्रों और कामकाजी लोगों को अतिरिक्त सुविधा मिलने की उम्मीद है। इन दोनों सेवाओं से पहले हावड़ा और कामाख्या के बीच वंदे भारत स्लीपर सेवा का संचालन किया जा रहा है। नई ट्रेनों के जुड़ने से इस श्रेणी की सेवाओं का दायरा बढ़ेगा।
