अगर आप किसी नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं, तो आपके लिए राहतभरी की खबर है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने स्थानीय निवासियों के लिए रियायती लोकल पास से जुड़े नए नियम जारी किए हैं। ये नियम 1 नवंबर 2026 से देशभर में लागू होंगे। इसके तहत पात्र लोग अपने निजी, गैर-वाणिज्यिक वाहनों के लिए सालाना शुल्क देकर लोकल पास ले सकेंगे। हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं।
20 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों को मिलेगा लाभ
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 26 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजमार्ग फीस (दरों का निर्धारण और संग्रह) नियम, 2008 में संशोधन को लेकर अधिसूचना जारी की है। नए नियमों के अनुसार, टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोग अपने निजी और गैर-वाणिज्यिक वाहनों के लिए रियायती लोकल पास ले सकेंगे। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए वाहन पर वैध और चालू FASTag होना जरूरी है। वाहन मालिक अपनी जरूरत के अनुसार मासिक पास या रियायती स्थानीय पास में से किसी एक विकल्प को चुन सकेंगे। लोकल पास केवल उसी टोल प्लाजा पर मान्य होगा, जिसके लिए इसे जारी किया गया है।
कितना होगा लोकल पास का शुल्क?
- नए नियमों के तहत टोल प्लाजा की स्थिति के आधार पर सालाना शुल्क तय किया गया है।
- 1,500 रुपये सालाना: नगरपालिका या स्थानीय निकाय की सीमा से बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए।
- 3,000 रुपये सालाना: नगरपालिका या स्थानीय निकाय की सीमा के भीतर स्थित टोल प्लाजा के लिए।
- सरकार इन शुल्क दरों में हर साल 1 अप्रैल को संशोधन कर सकेगी।
किन लोगों को नहीं मिलेगी सुविधा?
नए नियमों के तहत हर टोल प्लाजा पर रियायती लोकल पास की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। जिन राष्ट्रीय राजमार्गों या एक्सप्रेसवे पर बंद उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह प्रणाली के आधार पर टोल वसूला जाता है, वहां यह पास जारी नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, अगर वाहन मालिक या चालक के इस्तेमाल के लिए सर्विस रोड या कोई वैकल्पिक सड़क उपलब्ध है, तो ऐसे मामलों में भी रियायती लोकल पास जारी नहीं होगा।
1 नवंबर 2026 से लागू होंगे नियम
मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, नए नियम 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होंगे। इसके तहत तय शर्तें पूरी करने वाले स्थानीय निवासी अपने निजी वाहनों के लिए रियायती पास ले सकेंगे। पास का शुल्क संबंधित टोल प्लाजा की स्थिति के अनुसार 1,500 या 3,000 रुपये सालाना होगा।
