संसद के निचले सदन लोकसभा में गुरुवार (10 अगस्त, 2023) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के खिलाफ लाए गए विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया, जबकि पीएम ने इसे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए शुभ करार दिया। संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते वह बोले कि इसके जरिए तय हो गया है कि जनता 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और राजग को पहले के सारे रिकॉर्ड तोड़कर बहुमत देगी।
उधर, निचले सदन में आचरण को लेकर कांग्रेस के नेता अधीर रंजन निलंबित कर दिए गए। वह पीएम मोदी को लेकर की गई कुछ टिप्पणियों और उनके आचरण के कारण सस्पेंड हुए। उनके खिलाफ इस मामले को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया गया।
संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने इससे जुड़ा एक प्रस्ताव सदन में पेश किया जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दी, जिससे पहले कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के सदस्य सदन से वॉकआउट कर चुके थे। प्रस्ताव के मुताबिक, विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक कांग्रेस नेता चौधरी सदन की कार्यवाही से निलंबित रहेंगे।
दरअसल, प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान चौधरी ने महाभारत के एक संदर्भ का हवाला देते हुए पीएम के खिलाफ कुछ टिप्पणी की थी जिसे आसन ने तत्काल रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया। गृह मंत्री अमित शाह समेत सत्तापक्ष के कई सदस्यों ने इस दौरान तीखी प्रतिक्रिया दी थी। इस बीच, भाजपा के सदस्य वीरेंद्र सिंह को आक्रामक होते देखा गया।
रोचक बात है कि पूरे घटनाक्रम के समय प्रधानमंत्री मोदी भी सदन में थे। प्रधानमंत्री जब चर्चा का जवाब दे रहे थे तो उस समय भी चौधरी ने कई बार टोका-टाकी की थी। पीएम के जवाब के बाद जोशी ने कहा, ‘‘जब प्रधानमंत्री, मंत्री बोलते हैं या कोई चर्चा होती है तो कांग्रेस के नेता (चौधरी) जानबूझकर व्यवधान पैदा करने की कोशिश करते हैं...उनको इसकी आदत हो गई है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि वह इस सदन की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेता हैं।’’
जोशी के अनुसार, ‘‘बार-बार कहने पर भी उन्होंने सुधार नहीं किया। वह आधारहीन आरोप लगाते हैं। देश और देश की छवि कम करने की कोशिश करते हैं, जबकि उनके आरोप में कोई तथ्य नहीं होता। कभी क्षमा नहीं मांगते। कल गृह मंत्री के बोलने के समय भी उन्होंने ऐसा किया था।’’ (पीटीआई-एएनआई इनपुट्स के साथ)
