Nitin Gadkari Education: केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जब IEC 2023 में पहुंचे तो उन्होंने कई किस्सों को साझा किया। जिसमें उनके मंत्रालय से लेकर निजी जिंदगी तक की बातें शामिल रही। 'टाइम्स नेटवर्क' के इंडिया इकनॉमिक कॉन्क्लेव (India Economic Conclave 2023) में टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नविका कुमार से बात करते हुए नितिन गडकरी ने अपनी पढ़ाई को लेकर एक बड़ा ही दिलचस्प किस्सा साझा किया।
इंदिरा गांधी का नाम आया सामने
नितिन गडकरी ने नविका कुमार से बात करते हुए बताया कि कैसे वो एक इंजीनियर बनते-बनते रह गए। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के एक कदम से वो इंजीनियरिंग में एडमिशन लेने से डिस्क्वालिफाई हो गए थे।
क्या बोले नितिन गडकरी
नितिन गडकरी ने कहा- "मैं तो इंजीनियर नहीं हूं, बहुत लोगों को लगता है कि इंजीनियर हूं, अभी मुझे फिलहाल 6 डी लिट मिली। तो मैं 1975 में SSC में था। तो इमरजेंसी लग गई तो मैं इमरजेंसी के खिलाफ लड़ाई में निकल गया। तो मुझे 52 प्रतिशत मार्क्स ही मिले हैं और साइंस में 49.26 प्रतिशत मिले हैं। इस तरह से मैं इंजीनियरिंग में एडमिशन लेने के लिए अयोग्य हो गया।"
इच्छाशक्ति के साथ काम
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वो इच्छाशक्ति के साथ काम करते हैं। वो ये नहीं देखते हैं कि किसकी सरकार है, जो जिम्मेदारी उनके पास है, उसे पूरा करने की पूरी कोशिश करते हैं। चाहे दिल्ली में कचरे के पहाड़ को कम करना हो या फिर ट्रैफिक खत्म करने वाले प्रोजेक्ट्स पर काम करना हो।
देश की सबसे बड़ी समस्या
गडकरी ने कहा कि हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या भुखमरी, बेरोजगारी, गरीबी है। उन्होंने कहा कि सही में हमको इसे खत्म करना है तो हमें स्वाभाविक रूप से रोजगार निर्माण करना होगा। रोजगार निर्माण करने के लिए इंडस्ट्री, ट्रेड, बिजनेस डवलप करना होगा। जब हम तीन चीजें डवलप करेंगे तो हमें चार चीजें जरूरी हैं। वाटर, पावर, ट्रांसपोर्टेशन, कम्युनिकेशन। बिना इसे संभव नहीं है।
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