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Red Fort Blast: NIA ने 10 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की 7500 पन्नों की चार्जशीट, अल-कायदा से जुड़े तार; फिदायीन का केस खत्म

NIA ने लाल किला कार बम विस्फोट मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। जांच में अल-कायदा से जुड़े आतंकी संगठन और कट्टरपंथी डॉक्टरों के शामिल होने का खुलासा हुआ है।

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हमले में 11 लोगों ने गवांई थी जान

Photo : PTI

Red Fort Blast Case: नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी (NIA) ने पिछले साल दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए भीषण कार बम विस्फोट मामले में बड़ी कार्रवाई की है। NIA ने गुरुवार को पटियाला हाउस स्थित विशेष अदालत में 10 आरोपियों के खिलाफ 7,500 पन्नों का विस्तृत चार्जशीट दाखिल किया। इस चार्जशीट में वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच के आधार पर एक बड़े जिहादी षड्यंत्र का पर्दाफाश किया गया है।

अल-कायदा के सहयोगी संगठन ने रची थी साजिश

एनआईए की जांच के अनुसार, इस हमले के पीछे आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद का हाथ था, जो भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (AQIS) का एक सहयोगी संगठन है। गृह मंत्रालय ने जून 2018 में ही AQIS और उससे जुड़े संगठनों को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था। जांच में पाया गया कि आरोपी इस कट्टरपंथी विचारधारा से प्रेरित थे और उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी को दहलाने के लिए एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा था।

शिक्षित पेशेवर और डॉक्टर भी शामिल

चौंकाने वाली बात यह है कि इस आतंकी हमले में कुछ कट्टरपंथी बने मेडिकल प्रोफेशनल भी शामिल थे। NIA ने जिन 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया है, उनमें से कई डॉक्टर हैं। आरोपियों की सूची में आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. आदिल अहमद राथर, डॉ. शहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयाब, डॉ. बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार के नाम शामिल हैं।

मुख्य आरोपी 'आत्मघाती' के खिलाफ केस खत्म

इस हमले का मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी था, जो पुलवामा का निवासी था। डॉ. नबी फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय में मेडिसिन विभाग का पूर्व सहायक प्रोफेसर था। चूंकि वह आत्मघाती हमले के दौरान ही मारा जा चुका है, इसलिए NIA ने उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है।

विस्फोट में हुई थी 11 लोगों की मौत

बता दें कि पिछले वर्ष 10 नवंबर को लाल किला इलाके में हुए इस उच्च तीव्रता के विस्फोट ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। इस कार बम धमाके में 11 निर्दोष लोगों की जान गई थी, कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे और बड़े पैमाने पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। NIA ने यह चार्जशीट गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत दाखिल की है।

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Nishant Tiwari
निशांत तिवारी author

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृ... और देखें

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