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Maharashtra CM Oath: मुंबई के आजाद मैदान में 5 दिसंबर को होगा शपथ ग्रहण समारोह, पीएम मोदी होंगे शामिल

Breaking News: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने ये साफ कर दिया है कि महाराष्ट्र में नई महायुति सरकार पांच दिसंबर को शपथ लेगी। उन्होंने बताया है कि महाराष्ट्र की नयी सरकार 5 दिसंबर को शाम 5 बजे प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में मुंबई के आजाद मैदान में शपथ लेगी।

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5 दिसंबर को महाराष्ट्र में सीएम का शपथ ग्रहण समारोह।

Maharashtra CM Oath Ceremony: महाराष्ट्र में 5 दिसंबर को मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण होगा। बीजेपी ने आखिरकार शपथ विधि का ऐलान कर दिया है। मुंबई के आजाद मैदान में महाराष्ट्र सरकार की शपथविधि का कार्यक्रम होगा। शपथ विधि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे ।

महाराष्ट्र में 5 दिसंबर को होगा शपथ ग्रहण समारोह

महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महाराष्ट्र में महायुति को ऐतिहासिक विजय मिली है। महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में मुबंई के आजाद मैदान में 5 दिसंबर को शाम 5 बजे होगा।"

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में देवेंद्र फडणवीस सबसे आगे

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को इस बात की घोषणा कर दी है कि महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की नयी सरकार पांच दिसंबर को बनेगी। इस बीच ये भी दावे किए जा रहे हैं कि देवेंद्र फडणवीस अगले मुख्यमंत्री बनने के उम्मीदवारों की दौड़ में सबसे आगे हैं। महाराष्ट्र में 20 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के गठबंधन महायुति ने 288 में से 230 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी। भाजपा 132 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि शिवसेना ने 57 और राकांपा ने 41 सीट जीतीं।

हालांकि, 23 नवंबर को चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद भी इस बात पर कोई फैसला नहीं हुआ है कि मुख्यमंत्री कौन होगा। शिंदे, फडणवीस और पवार ने महाराष्ट्र में अगली सरकार बनाने को लेकर समझौते पर बातचीत करने के लिए बृहस्पतिवार देर रात भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा और केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।

एकनाथ शिंदे अचानक चले गए थे अपने पैतृक गांव

कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सतारा जिले में अपने पैतृक गांव के लिए रवाना होने के बाद शुक्रवार को होने वाली महायुति की महत्वपूर्ण बैठक स्थगित कर दी गई, जो अब संभवतः रविवार को होगी। शिंदे ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अगले मुख्यमंत्री के संबंध में भाजपा नेतृत्व के निर्णय का पूरा समर्थन करेंगे और इस प्रक्रिया में बाधा नहीं बनेंगे। वहीं, अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा ने मुख्यमंत्री पद के लिए फडणवीस का समर्थन किया है।

विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले महा विकास आघाडी (एमवीए) को करारा झटका लगा है। कांग्रेस ने राज्य विधानसभा चुनावों में अपना सबसे खराब प्रदर्शन करते हुए केवल 16 सीट जीतीं। शरद पवार की राकांपा (एसपी) केवल 10 सीट ही जीत पाई, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने 20 सीट जीतीं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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