गृह मंत्री अमित शाह से NCP के 6 वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात के बाद पार्टी में हलचल तेज हो गई है। सुनेत्रा पवार ने मुंबई में कोर कमेटी की बैठक बुलाई है ।अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पार्टी को आगे कैसे चलाना है, बड़े फैसले कौन लेगा और शरद पवार गुट के साथ पार्टी का रिश्ता क्या होगा, इन मुद्दों पर नेताओं के बीच चर्चा जारी है।
इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ NCP नेताओं की मुलाकात और उसके बाद हुई कोर कमेटी की बैठक काफी अहम मानी जा रही है।मुंबई में सोमवार रात हुई कोर कमेटी की बैठक में पार्थ पवार की काम करने के तरीके को लेकर कुछ वरिष्ठ नेताओं ने नाराजगी जताई।
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नेताओं ने कहा कि मुंबई अध्यक्ष पद पर जीशान सिद्दीकी और राष्ट्रीय प्रवक्ता पद पर उमेश पाटील की नियुक्ति करने से पहले कोर कमेटी के सदस्यों से चर्चा होनी चाहिए थी। लेकिन दोनों नियुक्तियां बिना सलाह-मशविरा किए कर दी गईं। बैठक में नेताओं ने साफ कहा कि आगे से पार्टी के बड़े फैसले सभी वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करने के बाद ही लिए जाने चाहिए। इस पर पार्थ पवार और जय पवार ने भरोसा दिलाया कि आगे सभी को साथ लेकर फैसले किए जाएंगे।
अमित शाह के सामने उठा वित्त मंत्रालय का मुद्दा
सूत्रों के मुताबिक, शाह के साथ हुई मुलाकात में NCP नेताओं ने जल्द से जल्द वित्त मंत्रालय देने की मांग रखी। इसके साथ ही दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टियों के विलय के पक्ष में नहीं होने की बात भी कही गई।अजित पवार के निधन के बाद पार्टी अपनी अलग पहचान बनाए रखना चाहती है। साथ ही सरकार में अपनी हिस्सेदारी भी मजबूत करना चाहती है।
दोनों NCP के विलय पर नेताओं में अलग-अलग राय
पार्टी के अंदर नाराजगी की एक बड़ी वजह शरद पवार की NCP के साथ विलय की चर्चा भी है। सूत्रों के मुताबिक, प्रफुल्ल पटेल चाहते हैं कि दोनों गुट फिर से एक हो जाएं, जबकि सुनेत्रा पवार इसके पक्ष में नहीं हैं। वह अपनी पार्टी को अलग रखकर अपने नेतृत्व में आगे बढ़ाना चाहती हैं
अजित पवार के निधन से पहले दोनों गुटों के बड़े नेताओं के बीच विलय को लेकर 4 बार बैठक हुई थी। अब सवाल है कि क्या उन बैठकों में हुई बातचीत आगे बढ़ेगी या दोनों पार्टियां अलग-अलग काम करती रहेंगी?
अगर दोनों गुट एक होते हैं तो पार्टी की कमान किसके हाथ में होगी? क्या सुप्रिया सुले को बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी? क्या इससे सुनेत्रा पवार और उनके परिवार की पार्टी में भूमिका बदल जाएगी? इन सवालों को लेकर भी पार्टी के अंदर चर्चा है
विलय पर बीजेपी की मंजूरी भी अहम
दोनों गुटों के एक साथ आने में बीजेपी का रुख भी अहम माना जा रहा है। अगर विलय होता है तो क्या शरद पवार NDA में शामिल होंगे? क्या बीजेपी इसके लिए तैयार होगी? अमित शाह के साथ मुलाकात के बाद इन सवालों पर भी चर्चा तेज हो गई है।सोमवार रात पार्टी की कोर कमेटी की बैठक मे मंगलवार को पार्टी के सभी विधायकों की संयुक्त बैठक बुलाने का फैसला लिया गया। नेताओं और विधायकों के बीच पिछले कुछ समय से कम हुए बातचीत के सिलसिले को फिर शुरू करने पर सहमति बनी। इसके अलावा सूखा प्रभावित इलाकों में मंत्रियों और विधायकों को दौरे पर भेजने का फैसला भी लिया गया।
संजय राऊत का NCP पर tweet कर हमला
इस बीच शिवसेना UBT के नेता संजय राऊत ने एक्स पर पोस्ट कर NCP पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, 'महाराष्ट्र के स्वाभिमान की कब्र! एक बुलंद मराठी नेता द्वारा बनाई गई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को गुजरात के व्यापारियों के चरणों में सौंप दिया गया। सब के सब लाचार और गुलाम!'
कुल मिलाकर, अजित पवार के निधन के बाद NCP के सामने कई चुनौतियां हैं। पार्टी में वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी दूर करना, दोनों गुटों के विलय पर फैसला लेना और बीजेपी के साथ रिश्ते तय करना उसके लिए अहम होगा। अब देखना होगा कि अमित शाह से मुलाकात और कोर कमेटी की बैठक के बाद पार्टी आगे क्या कदम उठाती है।
