महाराष्ट्र में शरद पवार हाल के दिनों में बीजेपी को झटका पर झटका दिए जा रहे थे। बीजेपी के नेताओं को तोड़ रहे थे, अब बीजेपी ने भी शरद पवार के किले में सेंध लगाना शुरू कर दिया है। शरद पवार के करीबी और एनसीपी (एससीपी) के नेता मधुकर रालेभट ने बीजेपी का दामन थाम लिया है।
रोहित पवार को नुकसान
मधुकर रालेभट के बीजेपी में शामिल होने से कर्जत जामखेड से विधायक और शरद पवार के पोते रोहित पवार को सीधा नुकसान होता दिख रहा है।मधुकर रालेभट रोहित पवार के करीबी पदाधिकारी थे। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी ने शरद पवार गुट के पदाधिकारियों को एंट्री देकर रोहित पवार की राह मुश्किल करने की चाल चली है। कर्जत जामखेड निर्वाचन क्षेत्र में रोहित पवार और राम शिंदे के आमने-सामने होने की उम्मीद है। रालेभट ये साफ कर चुके हैं कि वो टिकट की मांग करेंगे और यदि टिकट नहीं मिला तो जो भी रोहित के सामने होगा, वो उसकी मदद करेंगे।
रोहित पवार के खिलाफ क्यों सक्रिय है बीजेपी
दरअसल रोहित पवार ही वो शख्स हैं तो शरद पवार के साथ लोकसभा में कदम से कदम मिलाकर चल रहे थे। लोकसभा चुनाव में रोहत पवार, सीधे बीजेपी को निशाने पर ले रहे थे। इससे बीजेपी को सीधा नुकसान हुआ है। अब विधानसभा चुनाव में भी रोहित आक्रमक दिख रहे हैं, संभावना है कि विधानसभा चुनाव में शरद पवार गुट की ओर से रोहित पवार पूरे महाराष्ट्र में प्रचार करेंगे। इसलिए चर्चा है कि बीजेपी, रोहित पवार को उनके ही विधानसभा क्षेत्र में फंसाए रखने की रणनीति बना रही है।
उद्धव गुट को भी बीजेपी ने तोड़ा
कर्जत जामखेड के तालुका अध्यक्ष प्रो. मधुकर रालेभट के साथ-साथ ठाकरे समूह के जामखेड तालुक अध्यक्ष संजय काशिद, जामखेड शहर अध्यक्ष सूरज काले, उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रशेखर बावनकुले, मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और विधायक राम शिंदे की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए।
