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महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ी हलचल: NCP में बगावत,शिंदे सरकार में डिप्टी सीएम बने अजित पवार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 2, 2023, 02:57 PM IST

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला है। एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार एनडीए सरकार में शामिल हो गए हैं। उन्होंने रविवार को एकनाथ शिंदे सरकार में डिप्टी सीएम पद की शपथ ली।

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Ajit Pawar

Photo : ANI

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने अपने चाचा और एनसीपी चीफ शरद पवार से बगावत कर ली। वह आज (रविवार) को एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल हो गए। उन्होंने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली।

इस दौरान अजित पवार के नेतृत्व में एनसीपी के कई नेता भी शिंदे सरकार में शामिल हो गए। जानकारी के मुताबिक, NCP नेता छगन भुजबल और दिलीप पाटिल के अलावा करीब नौ एनसीपी नेताओं ने मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में महाराष्ट्र के मंत्री पद की शपथ ली। अजित पवार के नेतृत्व में सभी नेता भाजपा में शामिल होंगे।

सुबह हुई बैठक, दोपहर तक टूटी एनसीपी

अभी तक के सियासी घटनाक्रम को देखें तो अजित पवार ने आज सुबह एनसीपी विधायकों के साथ एक बैठक की और इसके बाद वह राजभवन के लिए रवाना हो गए। कई विधायक भी राजभवन पहुंचे। इसके बाद से ही एनसीपी में टूट के कयास लगाए जाने लगे थे। दरअसल, अजित पवार के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रशेखर बावनकुले भी राजभवन पहुंचे थे। भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रशेखर बावनकुले कहा है कि भाजपा को समर्थन देने के लिए आज NCP के अजित पवार और उनके साथ अन्य नेता आए हैं।

पटना बैठक से नाराज थे विधायक

सूत्रों के हवाले से सामने आई खबर के मुताबिक, NCP नेता अजित पवार के साथ राजभवन गए विधायक, पटना में विपक्षी एकता बैठक में राहुल गांधी के साथ मंच साझा करने और उन्हें सहयोग करने के शरद पवार के एकतरफा फैसले से नाराज थे। उधर, एनसीपी प्रमुख शरद पवार का कहना है कि मुझे ठीक से नहीं पता कि यह बैठक क्यों बुलाई गई है लेकिन विपक्ष के नेता होने के नाते उन्हें (अजित पवार) विधायकों की बैठक बुलाने का अधिकार है। वह ऐसा नियमित रूप से करते हैं। मुझे इस बैठक के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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