केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना हेडमास्टर करार दिया है। उन्होंने गुजरात से नाता रखने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के फायरब्रांड नेता को प्रबंधन गुरु भी बताया है। कहा है कि समूची दुनिया मोदी को इसी रूप में देखती है और उनके आगे अपने सिर झुकाती है।
मूल रूप से बिहार के सिंह ने ये बातें गुरुवार (एक जून, 2023) को गुजरात के आणंद में कहीं। ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आणंद (आईआरएमए) के 42वें दीक्षांत समारोह में वह बोले- स्वामीनाथन एक वैज्ञानिक थे। हरित क्रांति की शुरुआत करने में उनकी अहम भूमिका थी, लेकिन लाल बहादुर शास्त्री ही थे, जिनके पास ऐसी क्रांति लाने की इच्छाशक्ति थी...जब भी हम शास्त्री को याद करेंगे, हमें स्वामीनाथन की याद अपने आप आएगी...आज उस पहल के लिए धन्यवाद करते हैं। हम खाद्यान्न निर्यात करते हैं।’’
अपने भाषण के दौरान सिंह ने आगे शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने से जुड़े मोदी सरकार के प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने यह भी बताया कि वर्गीज कुरियन के नेतृत्व में दुग्ध उत्पादन में श्वेत क्रांति हुई और अब तीसरी क्रांति हुई है। बकौल गिरिराज, "महामारी (कोविड) के बाद मोदी को एक प्रबंधन गुरु के रूप में जाना जाता है और पूरी दुनिया उनके सामने सम्मान से सिर झुकाती है।"
कार्यक्रम के दौरान सिंह ने स्नातक छात्रों से ग्रामीण भारत के लिए काम करने और गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए हल खोजने की अपील भी की। वैसे, रोचक बात है कि मोदी और सिंह की उम्र में सिर्फ दो साल का फर्क है। वह मौजूदा पीएम से महज दो बरस छोटे हैं। मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 (अभी 72 वर्ष) को हुआ था, जबकि सिंह आठ सितंबर 1952 (70 साल) को जन्मे थे। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)
